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Meerut News: घटी लेखन क्षमता... 80 में सिमटे 200 शब्दों के जवाब

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सीबीएसई के शिक्षक बोले- ऑनलाइन कक्षाओं से पड़ा फर्क, पहली बार बोर्ड दे रहे छात्रों को हुई परेशानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सीबीएसई दसवीं और 12वीं के छात्रों की लेखन क्षमता कम हो गई है। बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में यह स्थिति सामने आई है। छात्रों ने 200 शब्दों के सवाल के जवाब 80 शब्दों में ही निपटा दिए। शिक्षकों का मानना है कि ऑनलाइन कक्षाओं से यह असर पड़ा है।
कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 19 मार्च को समाप्त हो गईं। 12वीं का अंतिम पेपर पांच अप्रैल को है। वहीं दूसरी ओर मूल्यांकन प्रक्रिया भी चल रही है। छात्रों की कॉपी जांच में कई प्रकार के बिंदु सामने आए हैं। जहां कई छात्रों ने बेहतर उत्तर लिखे हैं, वहीं कुछ ने एनसीईआरटी के मानकों के मुताबिक जवाब नहीं लिखे हैं। सीबीएसई सिटी समन्वयक सुधांशु शेखर ने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया जारी है। कक्षा 10वीं में त्रुटि मुक्त जांच के लिए सीबीएसई ने विषय विशेषज्ञ भी नियुक्त किए हैं। उत्तर पुस्तिका की जांच में गुणवत्ता लाने के लिए प्रत्येक दिन केवल 20 कॉपियों की जांच की जा रही है।
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सहोदय मेरठ स्कूल कॉम्पलेक्स के अध्यक्ष राहुल केसरवानी कहते हैं कि सत्र 2022-23 के छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया गया। इस वर्ष कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा दे रहे छात्रों ने कक्षा 10वीं में बोर्ड नहीं दिए थे। जिससे भय होना लाजमी है। सीबीएसई ने इस स्थिति को भांपते हुए सत्र के शुरुआत से ही तमाम काउंसलिंग सत्र चलाए। स्कूलों ने भी दो से तीन प्री बोर्ड परीक्षा आयोजित कर बेहतर अभ्यास कराया। बाकी पूर्ण रूप से छात्र का प्रदर्शन परिणाम आने पर ही सामने आएगा।
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सामान्य छात्र के अनुसार बनाया प्रश्नपत्र
कॅरिअर काउंसलर श्वेता रस्तोगी बताती हैं कि कोरोनाकाल में छात्रों की पढ़ाई पर काफी प्रभाव पड़ा। कागजी पढ़ाई अचानक से ऑनलाइन पढ़ाई में तब्दील हो गई। जो कि धीरे-धीरे बच्चे की आदत बन गई। मोबाइल फोन पर कक्षाएं चलने लगी। छात्रों को विषय की बेहतर जानकारी तो हो गई। लेकिन लिखने में कमी आ गई। यही मुख्य कारण है कम शब्दों में बच्चे उत्तर लिख रहे हैं।
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