मेरठ। कोहरे में सड़क पर चलने के लिए अपनी सुरक्षा आप ही करनी होगी। हाईवे और शहर की सड़कों पर दुर्घटना से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा किए गए उपाय नाकाफी हैं। सड़कों पर जगह- जगह डिवाइडर कट हैं लेकिन डिवाइडरों पर रिफ्लेक्टर की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा सड़क पर दौड रहे ट्रैक्टर- ट्रॉली, ई-रिक्शा, जुगाड़ गाड़ियों और तमाम भारी वाहनों की बैक लाइटें टूटी हैं। गाड़ियों के पीछे रिफ्लेक्टर भी नहीं लग सके हैं।
शहर में दिल्ली रोड पर रेपिड का काम चल रहा है। यहां कई डिवाइडर क्षतिग्रस्त हैं। जो बन गए हैं वहां पर रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए हैं। बच्चा पार्क से बेगमपुल की तरफ लाल बुक डिपो की तरफ जाने वाले मार्ग के लिए डिवाइडर कट है। यहां कोई रिफ्लेकटर नहीं है। ईव्ज चौराहा से कचहरी की तरफ चलते समय भी डिवाइडर के कट से रिफ्लेक्टर गायब हैं। जेल चुंगी चौराहा से विवि की तरफ कई जगह कट हैं। यहां भी रिफ्लेक्टर नहीं है। कलेक्ट्रेट गेट के बाहर डिवाइडर कट भी बिना रिफ्लेक्टर के है।
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सीएमओ आफिस के निकट लोहा ले सकता है जान
कमीश्नरी आवास चौराहा के निकट मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कार्यालय है। यहां पर नाले के ऊपर एक लोहे का जाल डाल गया है। इसमें लोहे की एक पटटी निकली हुई है। जो कभी भी किसी वाहन का टायर चीर सकती है। बड़ी दुर्घटना हो सकती है। यहां से सभी अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन किसी को भी यह नहीं दिखाई दिया।
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हम नहीं सुधरेंगे, जान जाए तो जाए
शहर की सड़कों पर ऐसे भी वाहन दौड़ रहे हैं, जिनमें अधिकतर की बैक लाइट नहीं है। रिफ्लेक्टर लगाना भी भूल गए। भूसा आदि लेकर सड़कों पर दौड़ने वाले ट्रैक्टर- ट्रॉली, लोहे आदि का सामान ढोने वाले जुगाड़ वाहन बिना रिफ्लेक्टर के चल रहे हैं।
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नियम ताेड़ने वाले वाहन चालकों पर लगातार होगी कार्रवाई
मेरठ। एएसपी कैंट आदित्य बंसल का कहना है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती लगातार जारी रहेगी।