मेरठ में स्नातक में प्रवेश के लिए पंजीकृत छात्र-छात्राओं का डाटा लीक होने के मामले में आईटीआई लिमिटेड (एमएसपी मुंबई) ने नोटिस का जवाब देते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया है। कंपनी का कहना है कि उनके सिस्टम से कोई भी डाटा लीक नहीं हुआ है। विशेषज्ञों से साइबर ऑडिट कराया जा रहा है, जिससे स्पष्ट होगा कि कैसे और कहां से डाटा लीक हुआ।
विवि ने कॉलेजों के स्नातक में प्रवेश की अभी तक कटऑफ जारी नहीं की है। इसके बावजूद पंजीकृत विद्यार्थियों का डाटा लीक हो गया। इस मामले में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. भूपेंद्र सिंह ने कंपनी को डाटा लीक होने के बाबत नोटिस थमाते हुए जवाब मांगा।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि कंपनी ने अपना बिंदुवार जवाब दे दिया है, जिसमें कहा गया है कि उनके सिस्टम से कहीं भी डाटा लीक नहीं हुआ है। विवि परिसर में कई नेट चल रहे हैं, जिससे लीक होने की आशंका है।
इसकी पुष्टि करने के लिए विस्तृत तरीके से विशेषज्ञों की टीम साइबर ऑडिट कर रही है और जल्द ही रिपोर्ट सौंपी जाएगी। वहीं, प्रो. भूपेंद्र सिंह का कहना है कि विवि भी अपने स्तर से पूरे मामले की जांच कर रही है। कंपनी की तरफ से साइबर ऑडिट मिलने के बाद जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी।