संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। मंगलवार रात भटियाना माइनर में अचानक अधिक पानी आने से नवादा क्षेत्र के कई गांवों की सैकड़ों बीघा गेहूं, गन्ना, दलहनी और तिलहनी की फसलें डूबने से बर्बाद हो गईं हैं। किसानों में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के प्रति असंतोष है। चेतावनी दी कि बर्बाद फसलों की क्षतिपूर्ति न होने पर आंदोलन होगा।
भाकियू टिकैत गुट के जिला प्रवक्ता चौधरी राजेंद्र सिंह, अनूप सिंह, तपराज सिंह, विजयपाल सिंह, हेमंत प्रधान, कश्मीर सिंह, वीरपाल सिंह, लक्ष्मी आदि ने बताया कि सिंचाई विभाग ने उनकी फसलों को पानी में डुबा कर बर्बाद कर दिया। आग्रह के बाद भी नहर का पानी बंद नहीं किया। जिला प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा एक बार नहीं पहले भी कई बार हो चुका है। इस बार तो विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण फसलें बर्बाद हो गईं।
आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हो रहे हैं। पास के गांव भटियाना खुशहालपुर के कुछ लोगों पर जबरन पानी काटने का आरोप लगाते हुए लड़ाने का प्रयास कर रहे हैं। चेतावनी दी कि विभाग की ओर से किसानों को उनकी बर्बाद फसलों का मुआवजा नहीं मिला तो अधिकारियों का घेराव होगा।
- किसानों की शिकायत पर नहर का पानी बंद
जेई नासिर हुसैन का कहना है कि किसानों को नुकसान हुआ है। इसमें विभाग की कोई गलती नहीं है। यह सब पास के गांव भटियाना खुशहालपुर के कुछ किसानों की दबंगई के कारण हुआ है। क्षेत्र के सींचपाल को बुलाया गया है। जिन किसानों की ओर से पानी को काटा गया है उनके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट कायम करा कार्रवाई कराई जाएगी। नहर के पानी को बंद कर दिया है।