संकट: एक्यूआई 274...बच्चों को मास्क लगाकर भेजें स्कूल
कई स्कूलों ने अभिभावकों को भेजे मेसेज, डॉक्टरों की सलाह सुबह की सैर पर न निकलें
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। शहर की हवा में प्रदूषण कम नहीं हो रहा है। रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 274 दर्ज किया गया। कई स्कूूलों ने एहतियात के तौर पर अभिभावकों को मेसेज भेजकर कहा है कि बच्चों को मास्क लगाकर भेजें। वहीं डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह और शाम की सैर पर न निकलें। खासतौर पर अस्थमा के मरीज, बुजुर्ग और बच्चे विशेष सतर्कता बरतें।
रविवार को शहर सुबह स्मॉग की चादर में लिपटा रहा। गंगानगर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां एक्यूआई 287 दर्ज किया गया। दूसरे नंबर पर 279 एक्यूआई के साथ पल्लवपुरम रहा। जयभीमनगर में एक्यूआई 256 दर्ज किया गया। दूसरी तरफ ठंड का असर भी तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस व 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विभिन्न इलाकों में एक्यूआई:
जयभीमनगर- 256
गंगानगर- 287
पल्लवपुरम- 279
केसरगंज- 260
बेगमपुल- 253
शिकंजा: सात दिन रडार पर रहेगी पेपर इंडस्ट्री
चार दिन में मेरठ के 15 उद्योगों को नोटिस
फेब्रिकेशन, टेक्सटाइल और बैटरी ब्रेकिंग इंडस्ट्री शामिल
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बीते चार दिन में 15 उद्योगों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें फेब्रिकेशन, टेक्सटाइल और बैटरी ब्रेकिंग इंडस्ट्री शामिल हैं। अब अगले सात दिन पेपर इंडस्ट्री की निगरानी की जाएगी।
आयोग ने स्पष्ट कहा है कि कोयले से संचालित उद्योगों को बंद रखा जाए। मेरठ से दिल्ली जाने वाले डीजल वाहनों पर रोक लगाई गई है। शहर में 42 उद्यमियों ने जेनरेटर पर आधारित अपने उद्योग बंद कर दिए हैं। ऐसे में उद्यमियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ ऑर्डर कैंसल हो रहे हैं तो दूसरी तरफ कच्चा माल के भी खराब होने की चिंता उद्यमियों को सता रही है। कुछ उद्योग कोयले का भी खुलेआम प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे में मानक पूरे कर कार्य करने वाले उद्यमियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
चिमनियों में लगाए इलेक्ट्रानिक डिवाइज
- पेपर मिल को चावल की भूसी, खोई और बैगास जलाने की अनुमति है। पसवाड़ा पेपर मिल के संचालक विनोद कुमार ने बताया कि वायु गुणवत्ता आयोग नियमित निगरानी कर रहा है। बॅायलर्स और चिमनियों में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी लगाई गई है। उद्योग की पूरी जानकारी आयोग के पास ऑनलाइन जा रही है। कोयले का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है
दिल्ली के भाड़े में 10 प्रतिशत की वृद्धि
दिल्ली एनसीआर में ग्रेप चार लागू होने के बाद माल भाड़े में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि मेरठ में दिल्ली में जाने वाले डीजल वाहनों पर प्रतिबंध है। ऐसे में माल बार्डर पर ही उतारा जा रहा है। दिल्ली में सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही जाने की अनुमति दी गई है। गुजरात, कर्नाटक, नागपुर, नासिक, तमिलनाडु, कलकत्ता, एमपी, राजस्थान आदि स्थानों से फल, सब्जी, कपड़ा, रबड़ लेकर मेरठ आने वाले वाहन दिल्ली के आउटर से होकर आ रहे हैं।
आईआईए ने बनाई विरोध की रणनीति
कोयला प्रयोग करने वाले उद्योगों का आईआईए कोई सहयोग नहीं करेगा। आईआईए के चैप्टर चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने बताया मानक पूरे कर चल रहे उद्योगों को बेवजह परेशान न किया जाए। बार-बार जांच के नाम पर अधिकारी उद्योगों में पहुंच रहे हैं। इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही है। प्रदूषण की समस्या की हर उद्यमी समझ है लेकिन सर्वाधिक प्रदूषण, पराली, डग्गामार वाहन और निगम और छावनी में जलाए जाने वाले कूड़े के कारण हो रहा है। अन्य विभागों की गलती के लिए उद्योगों न जिम्मेदार न ठहराया जाए।
मानक पूरा करके कार्य करें
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा मानक पूरा करके कार्य करने वाले उद्यमियों को न परेशान किया जाए। परतापुर और उद्योगपुरम क्षेत्र से कुछ शिकायत मिली हैं। इस संबंध में संबंधित विभाग और प्रदेश स्तर पर अवगत कराया गया है। संगठन पूरी तरह व्यापारियों के साथ है।