रविवार सुबह एमडीए टीम भारी पुलिस बल के साथ परतापुर फ्लाईओवर के पास बनी अवैध मार्केट को ध्वस्त करने पहुंची। इस दौरान दुकानदारों, महिलाओं ने टीम का विरोध शुरू कर दिया। अपने ऊपर केरोसिन डालकर आग लगाने का प्रयास किया तथा महिलाएं जलती मशाल लेकर छत पर चढ़ गईं। इस पर टीम लौट गई। वहीं हंगामा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
परतापुर फ्लाईओवर के निकट 19 दुकानों की एक अनाधिकृत मार्केट बनाई गई है। चार दिन पूर्व एमडीए अधिकारियों ने मार्केट पर आकर ध्वस्तीकरण की चेतावनी देकर नोटिस चस्पा कर दिया था। रविवार सुबह छह बजे एमडीए के अपर सचिव बैजनाथ, अधिशासी अभियंता पीएस मिश्रा, एपी सिंह, चीफ इंजीनियर वीके गोयल, जितेंद्र यादव, नोडल अधिकारी के अलावा एसपी सिटी मानसिंह चौहान, कई सीओ, एसीएम संतोष बहादुर आदि तीन जेसीबी लेकर पहुंचे।
पहले ही कर रखी थी पूरी तैयारी
टीम के पहुंचने से पहले ही वहां काफी संख्या में लोग मौजूद थे। महिलाएं दुकानों की छतों पर मशाल जलाकर और हाथों में पत्थर लेकर खडी़ थीं। उन्होंने दुकान में भरे भूसे में आग लगाकर धुआं कर दिया। सीओ ब्रह्मपुरी धर्मेंद्र चौहान ने सभी को चेतावनी दी, लेकिन लोगों ने बाईपास पर जाम लगाने की कोशिश की और अपने ऊपर केरोसिन डालकर आग लगाने का प्रयास किया। टीम सदस्य भी इसकी चपेट में आते आते बचे। पुलिस ने लाठियां फटकार कर उन्हें हाईवे से हटाया। इससे दुकानदार हाईवे के किनारे पर लेट गए। इस दौरान लोगों ने जेसीबी के टायर की हवा निकाल दी। सभी ने चेेतावनी दी कि यदि मार्केट ध्वस्त हुई तो आत्मदाह किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि एमडीए टीम भ्रष्टाचार कर रही है। छोटे दुकानदारों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है।
मुकदमा दर्ज कराने को लेकर चली मशक्कत
टीम के लौटने के बाद एमडीए वीसी योगेंद्र यादव, सचिव राजकुमार व एसपी सिटी मानसिंह चौहान, सीओ धर्मेंद्र चौहान परतापुर थाने पहुंचे और लगभग दो घंटे तक मीटिंग करते रहे। दरअसल एमडीए के अवर अभियंताओं ने मुकदमा दर्ज कराने से साफ इंकार कर दिया। उन्हाेंने कहा कि वह तो कार्रवाई करने को तैयार थे पर पुलिस प्रशासन ने ही आगे बढ़ने की जहमत नहीं उठाई। काफी देर तक मशक्कत होती रही। बाद में सहायक अभियंता रामपाल सिंह राठौड़ की तरफ से विरोध करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें रजनीश, यशपाल, अमित कुमार, जोगेंद्र ,छोटे खां, अशोक, हेमू सहित लगभग पचास लोगों के खिलाफ बवाल करने, आगजनी, जेसीबी चालक को मारने का प्रयास व एमडीए अफसरों सहित पुलिस पर केरोसिन डालने के आरोप में गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एलआईयू सीओ ने शासन को भेजी रिपोर्ट
ध्वस्तीकरण मामले पर रविवार को एलआईयू टीम मौके पर पहुंची टीम ने व्यापारियों से सभी जानकारी लेकर रिपोर्ट शासन को भेज दी। दुकानदारों ने एलआईयू अधिकारियों को बताया कि एमडीए के अधिकारियों ने पैसा लेकर निर्माण कराया है। उनका पैसा वापस कराया जाए और बाईपास पर जितने भी अवैध निर्माण हैं उनको भी ध्वस्त किया जाए।
अवर अभियंताओं का बायकाट
जैसे ही टीम लौटने लगी तो एमडीए अवर अभियंता कुमदेश शर्मा, सतेंद्र यादव, ओमपाल यादव, अमित तोमर, अजय गर्ग, प्रमोद मलिक आदि यहां से वापस लौट आए। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में प्रवर्तन विभाग केसारे जेई, सारे मेट, सारे जोनल अधिकारियों को लगाया और नतीजा ढाक के तीन पात ही निकला। कहा कि जब सरकारी काम में बाधा उत्पन्न हो रही थी तो प्रशासन को एक्शन लेना चाहिए था। मुकदमा भी प्रशासनिक अधिकारियों को ही दर्ज कराना चाहिए। कहा कि सीओ कहते रहे कि लाठी चार्ज की परमिशन दो पर मजिस्ट्रेट ने इजाजत ही नहीं दी।