पुलिस ने जिन हिस्ट्रीशीटरों और लुटेरोें को माला पहनाकर सम्मान किया और थाने में रसगुल्ले खिलाए थे, वो तो बहुत शातिर निकले। एक हिस्ट्रीशीटर गैर इरादतन हत्या के प्रयास में वांटेड निकला। सोमवार को पोल खुली तो ब्रह्मपुरी पुलिस ने उसे आनन-फानन में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अन्य अपराधियों का भी रिकॉर्ड खराब बताया गया है। थाने में अपराधियों का सम्मान करने वाले पुलिस वालों के खिलाफ एसएसपी ने जांच बैठा दी। सात हिस्ट्रीशीटरों समेत 16 अपराधियों का लिसाड़ी गेट पुलिस ने शनिवार को थाने में बुलाकर सम्मान कर दिया था। इनकी दावत की गयी और फूल मालाओं से स्वागत किया गया। पुलिस ने दावा किया कि ये अपराधी अब सुधर गए हैं और क्राइम छोड़कर छोटा मोटा काम शुरू कर दिया है। थाने में अपराधियों को सम्मानित करने की जानकारी एडीजी जोन प्रशांत कुमार को मिली तो उन्होंने नाराजगी और अपराधियों की निगरानी करने के निर्देश दिये। जांच हुई तो सम्मान पाए अपराधी पेशेवर मुल्जिम बताए गए और अभी उनका रिकार्ड खराब मिला। इसको अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
पता चलते ही मचा हड़कंप
खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस बैक फुट पर आ गयी और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा कर दी। उधर जब जांच हुई तो सम्मानित किया जाने वाला एक हिस्ट्रीशीटर वांटेड निकला। लिसाड़ीगेट निवासी इमरान पर ब्रह्मपुरी थाने में मुकदमा दर्ज है। उस पर एक माह पूर्व मारपीट, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी और गैर इरादतन हत्या के प्रयास की धाराओं में ब्रह्मपुरी थाने में केस दर्ज हुआ था। उसके खिलाफ दर्जनों और भी मुकदमे दर्ज थे। इसका पता सोमवार सुबह पुलिस को चला तो खलबली मच गई। ब्रह्मपुरी और लिसाड़ीगेट पुलिस ने दबिश देकर इमरान पुत्र रमजान निवासी दीवानजी शरीफ वाली गली श्यामनगर लिसाड़ी गेट को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेजा गया। उसके बाद अन्य अपराधियों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
आखिर किसने दी थी अनुमति
यह सम्मान लिसाड़ी गेट थाने में किया था। सवाल उठता कि आखिर अपराधियोें का सम्मान करने की किसने अनुमति दी थी। इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मोहम्मद असलम ने यह कार्यक्रम रखा। बडे़ अधिकारियों को बुलाया गया। अधिकारियों को इस 16 अपराधियों की पूरी कुंडली के बारे में लिसाड़ी गेट पुलिस ने जानकारी नहीं दी। नतीजा ये हुआ कि अधिकारियों ने हाथ मिलाया और उनको समाज के लिए प्रेरणा तक बता दिया। हिस्ट्रीशीटर इमरान को इंस्पेक्टर मोहम्मद असलम ने खुद अपने हाथ से माला पहनाई थी।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
थाने में अपराधियों का सम्मान करने वाले पुलिस कर्मियों पर जांच बैठा दी है। जिन पुलिस कर्मियों ने ऐसी हरकत की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -मंजिल सैनी, एसएसपी