पुलिस चौकी वाहन कमेला कैसे बनी, खुलेगी पोल
सोतीगंज पुलिस चौकी कैसे वाहन ‘कमेला’ बन गई, इसकी पोल तीनों कबाड़ी खोलेंगे। पुलिस ने कबाड़ियों से घंटों पूछताछ की। जिसमें कबाड़ियों ने पुलिस से सेटिंग कर खंडहर पड़ी पुलिस चौकी में चोरी की बाइक के चेसिस नंबर बदलने की बात कहीं। पुलिस चौकी खंडहर कैसे हुई, इसको लेकर पुलिस अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए पुलिस चौकी की जानकारी जुटाई। जिसमें पता चला कि चौकी की जमीन को एक रेस्टोरेंट मालिक को बेच दिया है। पुलिस का इस जमीन से कोई लेनादेना नहीं, लेकिन लिखापढ़ी में पुलिस चौकी चल रही है। चौकी इंचार्ज विक्रम सिंह कभी चौकी में नहीं गए। पुलिस चौकी की जानकारी लखनऊ ने भी मांगी है।
कबाड़ियों से ज्यादा सिपाही शातिर
तीनों कबाड़ियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लेकिन 25 हजारी सिपाही प्रदीप शातिर निकला। सिपाही ने कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी कोर्ट में दाखिल की है। जबकि पुलिस ने उसके करीबियों से कहा कि तुम पुलिस के पास आ जाओ, अन्यथा बड़ी कार्रवाई होगी। इसके बावजूद सिपाही को अपने विभाग पर ही भरोसा नहीं है। पुलिस सिपाही की कुंडली खंगालने में लगी हुई है।
गंभीरता से होगी जांच
सोतीगंज के 25-25 हजार के तीनों वाहन माफिया गिरफ्तार कर लिए हैं। सिपाही को पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी। इस मामले में गंभीरता से जांच पड़ताल चल रही है।
- अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी
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