हैंडलूम व्यापारी नदीम के बेटे जीशान (10) की हत्या की पटकथा आरोपियों ने 25 दिन पहले रची थी। आरोपी वसीम और नाजिम ने उसे टॉफी तो कभी चाकलेट देकर नजदीकी बढ़ा ली थी। उसके बाद उसे हाथरस ले गए। वसीम ने जीशान के हाथ पकड़े व अनवार ने उसका गला घोंटा था।
जीशान के हत्यारोपियों नाजिम, वसीम और मोनू को मंगलवार को जेल भेज दिया गया। सिविल लाइन थाने में पूछताछ में वसीम और नाजिम ने बताया कि नदीम मोहल्ले में टशन दिखाता था। जिस पर हम उसे सबक सिखाना चाहते थे। इसके अपहरण, फिरौती और हत्या की वारदात की। नजदीकी बढ़ने पर पहले जीशान को 28 जून को हापुड़ अड्डा तक बहला फुसलाकर लेकर गए थे। प्लान सफल होने पर 30 जून को वसीम जीशान को सोहराब डिपो पर ले गया। जहां अनवार, नाजिम और मोनू मौजूद थे।
चाकलेट में खिलाया नशीला पदार्थ
सोहराब डिपो पहुंचते ही अनवार ने जीशान के हाथ में चाकलेट दे दी। जीशान चाकलेट खाते ही बेहोश हो गया। सभी जीशान को लेकर मथुरा पहुंचे। जहां नदीम को कॉल कर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। वह सिम वहीं तोड़कर फेंक दिया था। इसके बाद जीशान को हाथरस के देहात क्षेत्र में लेकर पहुंचे। जहां एक ट्यूबवेल के पास ज्वार के खेत में उसे मार डाला।
नशे में बहुत छटपटाया था जीशान
वसीम ने बताया कि जीशान नशे की हालत बहुत छटपटाया। लेकिन हमें एक बार भी रहम नहीं आया। जीशान का शव क्षतविक्षत मिला। उसका एक हाथ कटा था। पेट और गले को भी चाकुओं से काटा गया। कुछ लोगों ने इसे तंत्र-मंत्र से भी जोड़ा। एक हत्यारोपी के परिजन कई साल पहले एक बच्चे की हत्या के मामले में चर्चा में आए थे। वहीं, एसओ लिसाड़ी गेट का कहना है कि जंगल में शव पड़ा होने की वजह से जानवरों ने ही उसे खा लिया होगा।
क्या बिगाड़ा था जीशान ने
जीशान का शव आने पर मां इशरत जहां ने रोते हुए कहा कि आरोपियों का उनके घर आना-जाना था। जीशान के गायब होने पर भी हमारे हमदर्द बनकर उसकी तलाश कराने का ढोंग करते रहे। हमने कभी नहीं सोचा था कि ये लोग ऐसी हैवानियत करेंगे। भला हमारे जीशान ने उनका क्या बिगाड़ा था। जीशान का भाई अयान, बहन सानिया, साजिदा, मंतशा, अनफिया और आयशा गम में डूबे थे। वहीं पुलिस ने बताया कि जीशान के बाद आरोपियों का दूसरा निशाना नदीम का दूसरा बेटा था।