एसटीएफ और जोनल क्राइम ब्रांच ने इस मामले में
ऊधम की पत्नी गीता उर्फ गीतांजलि को लखनऊ तो चार शार्प शूटरों को लालकुर्ती से गिरफ्तार कर लिया। आईजी जोन सुजीत पांडेय ने सोमवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता की।
जिसमें ऊधमसिंह के चार शार्प शूटरों विदित विहान पुत्र योगेंद्र, अनिल पुत्र नरेंद्र निवासी गांव भराला दौराला, फकरूद्दीन उर्फ भूरा निवासी गांव सिखेड़ा इंचौली व अंबुज चौहान पुत्र मित्रसेन निवासी पल्हैडा पल्लवपुरम को मीडिया के सामने पेश किया।
आईजी ने बताया कि बीती 25 अप्रैल को डॉ. विनोद कुमार के अजय अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां बरसाई थी। जांच पड़ताल में एसटीएफ मेरठ और जोनल क्राइम ब्रांच लगी थी।
जांच में सामने आया कि यह फायरिंग लखनऊ जेल में बंद कुख्यात ऊधमसिंह ने 20 लाख रुपये की रंगदारी न देने पर कराई।
व्हाट्सएप पर भेजी रिकार्डिंग
आईजी के अनुसार ऊधम ने अपने शूटरों को फायरिंग से पहले डॉक्टर के पास भेजा था। जहां एक शूटर विदित ने डॉक्टर को ऊधम द्वारा उसके व्हाट्सएप पर भेजी गई रिकार्डिंग सुनाई।
इस रिकार्डिंग में ऊधम डॉक्टर से संबोधित था। जिसमें ऊधम ने डॉक्टर से गालीगलौज करते हुए धमकी दी कि यदि पैसा नहीं दिया तो अंजाम ठीक नहीं होगा।
गीतांजलि को लेना था पैसा
आईजी ने बताया कि रंगदारी मांगने के मामले में ऊधम की पत्नी गीतांजलि भी शामिल है। एसटीएफ ने गीतांजलि को लखनऊ के हजरतगंज थानाक्षेत्र से गिरफ्तार करना बताया है। जबकि ऊधम के चारो शूटर लालकुर्ती इलाके से गिरफ्तार हुए हैं। गीतांजलि लगातार ऊधमसिंह के साथ आपराधिक वारदातों में शामिल रहती है। जेल में मुलाकात कराने केे बहाने कुख्यात ऊधमसिंह अपनी पत्नी को रंगदारी का टास्क देता है। इस वारदात में भी ऊधम के शूटरों के साथ गीतांजलि शामिल थी।
गंगानगर में भी फायरिंग की
पुलिस की पूछताछ में शूटरों ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने गंगानगर में भी दहशत फैलाने की खातिर फायरिंग की थी। ऊधमसिंह के गुर्गे लगातार सक्रिय है, जोकि आपराधिक वारदात को अंजाम दे रहे है। पूर्व के रंगदारी मांगने के प्रकरणों में पुलिस और एसटीएफ बारीकी से जांच पड़ताल कर रही है। ऊधम के गुर्गों की तलाश में एसटीएफ और पुलिस को लगाया गया गया। आईजी ने एसटीएफ और जोनल क्राइम ब्रांच को 15 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की।