महलका गांव में कब्र से निकाली गई मां और बच्चों की लाशें।
- फोटो : अमर उजाला
गांव महलका में चार दिन पूर्व महिला और दो मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस को बिना जानकारी दिए तीनों शवों को सुपुर्देखाक कर दिया था। मृतका की मां ने आला अधिकारियों के समक्ष सुसराल पक्ष के लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी सुरक्षा में रविवार को तीनों शवों को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोप है कि मृतका के भाई को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
गौरतलब है कि चार दिन पूर्व गांव महलका निवासी सायमा उसकी आठ वर्षीय बेटी नेहा और पांच वर्षीय बेटे अबुजर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सुसराल पक्ष के लोगों ने पुलिस को जानकारी दिए बिना तीनों शवों को सुपुर्देखाक कर दिया था। मृतक सायमा की मां इंतेसारी ने एसएसपी डीसी दुबे से इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई। उसने पुत्री सायमा और नवासों के शवों को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की।
उसने बताया कि बेटी सायमा की शादी महलका निवासी मैराज पुत्र इंतेसार से आठ वर्ष पूर्व की थी। सुसराल पक्ष दहेज से संतुष्ट नहीं था। इसलिए वे सायमा को प्रताड़ित करते थे। उसने कहा कि मैराज के एक महिला से अवैध संबंध भी हैं। इसका सायमा विरोध करती थी। बीती 13 अप्रैल की रात्रि मैराज, भाभी सुहैला, जेठ इख्तेखार और देवर गुड्डू ने सायमा और उसके बच्चों नेहा तथा अबुजर की हत्या कर दी।
सायमा के परिजन जानकारी पाकर सुसराल पहुंचे। इस पर मैराज ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी। इंतेसारी ने आरोप लगाया कि मैराज का बहनोई सईद अख्तर और शब्बू सायमा की हत्या कर देने का दबाव बनाते रहे हैं। वहीं, आरोप है कि मृतका के भाई जीशान को भी जान से मार देने की धमकी दी जा रही है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर उक्त छह लोगों के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने का मुकदमा दर्ज किया है।
थाना प्रभारी रामरतन यादव ने बताया कि एसडीएम सरधना का कार्य देख रहे अरविंद कुमार के आदेशानुसार तहसीलदार सरधना रंजीत सिंह और भारी पुलिस बल के साथ तीनों शवों को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दबंगई पड़ गई भारी
मृतका का पति और ससुराल पक्ष के लोग यदि दबंगई नहीं दिखाते तो शायद यह नौबत नहीं आती। मृतका के पति मैराज ने धमकी दी कि मृतका के भाई ने ही हत्या की तथा ढाई लाख रुपये निकालकर ले गया। इसके बाद मायके वालों ने कदम उठाया। घटना वाले दिन ही पुलिस यदि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज देती तो यह सब नहीं होता।