इस ट्रिपल मर्डर का भयावह मंजर देखकर शास्त्रीनगर का इलाका कांप उठा। भीड़भाड़ इलाके में ट्रिपल मर्डर होने का यकीन तो किसी को नहीं हुआ। शाम छह बजे लोगों की भीड़ बीमा कंपनी मैनेजर चंदशेखर गुप्ता के मकान पर उमड़ी। मैनेजर के घर में चौतरफा खून ही खून और अलग अलग तीन लाश पड़ी थी। कातिलों ने चंदशेखर और उसकी पत्नी पूनम गुप्ता की गर्दन धारदार हथियारों से रेती है। जबकि युवती को चाकू से गोदा हुआ है।
शाम 5:30 बजे थे। पड़ोसी अमित की सूचना पर पुलिस मैनेजर चंदशेखर गुप्ता के घर पहुंची। घर का मंजर देखकर एक बार तो पुलिस वापस बाहर आए। इंस्पेक्टर ने तो माथा पकड़ लिया। बस फिर क्या था तीन लाश मकान में खून से लथपथ पड़ी है, इसका पता लगते आसपास के लोगों भी भीड़ उमड़ पड़ी।
लोग आने लगे तो इंस्पेक्टर नौचंदी ने पुलिस अधिकारियों को फोन करके इसकी जानकारी दी।ट्रिपल मर्डर की सूचना लगते ही अधिकारी भी सन्न रह गए। एसएसपी ने स्थिति को देखते तत्काल भारी फोर्स मौके पर भेज दी। करीब 6:45 बजे एसपी सिटी पहुंचे, तब तक शास्त्रीनगर को छावनी बना लिया था। जो भी घर के अंदर का नजारा देखता वह बेहोशी सी हालत बाहर आता। लोगों पुलिस को कोसते तो कभी कातिलों को। लेकिन किसी की समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर मर्डर के पीछे क्या राज है।
कातिल कौन और क्यों की वारदात
चंदशेखर गुप्ता के मकान की हालत देखकर लोगों की जुबान से सिर्फ एक ही शब्द निकल रहा था कि आखिर कातिल कौन है और उसने इस कदर वारदात को अंजाम क्यों दिया। पुलिस अधिकारी तो मानों कि खामोश हो गए। एसएसपी ने लोगों को बताया कि अंदर का नजारा बहुत भयावह है। किसी को अंदर मत जाने दो। जांच के बाद लोगों को दिखा दिया जाएगा।
आवाज तक नहीं निकलने दी
कातिलों ने किसी गोली नहीं मारी। एक के बाद एक तीन लाशें बिछाते गए। सवाल तो उठता है कि क्या उनके चीखने की आवास पड़ोसियों के कानों तक नहीं पहुंची। आखिर वो कैसी भयावह स्थिति बनी होगी जो तीनों में कोई अपनी जान नहीं बचा सका। इस बात को लेकर पड़ोसी भी हैरान है कि इतनी बड़ी वारदात हो गई। लेकिन किसी को पता तक नहीं चला।
हथियार भी साथ ले गए
कातिलों ने जिस हथियार से हमला किया है, उसको भी साथ ले गए। पुलिस का कहना मौका ए मुआयना से लगता कि कातिलों ने वारदात के बाद एहतियात बरती है। हथियार और खुद के हाथ भी मकान में साफ किये है। पुलिस ने कुछ फिंगर प्रिंस उठाए है, जिसमें से कुछ स्थिति स्पष्ट हो सके। हालांकि डॉग स्कवायड़ बाहर तक गया और कालियागढ़ी की तरफ मुड़ गया। जिससे अंदेशा लगाया कि कातिल कालियागढ़ी की तरफ भागे है।
किसने पी तीन कप में चाय
बेड रूम में चाय के तीन खाली कप मिले है। पुलिस का माना है कि दो कातिल अंदर आए, जिन्होंने युवती के साथ चाय पी है। युवती की नग्न स्थिति देखकर लगता है कि आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म भी किया। सवाल उठता है कि जब आरोपी के आने पर ऐतराज नहीं हुआ तो कत्ल क्यों करा।
एक सप्ताह पहले बालाजी गए थे
चंदशेखर गुप्ता का छोटा भाई संजय जागृति विहार सेक्टर-6 में रहता है, जोकि बैंक में मैनेजर है। उसकी बहन सुषमा देवी नेहरूनगर में रहती है। चंदशेखर सुबह 11 बजे अपनी बहन से मिलकर आए थे। संजय ने बताया कि एक सप्ताह पहले चंद्रशेखर और पूनम बालाजी घूमकर आए थे।