परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव अहमदनगर बढ़ला में पुलिस ने एक घर पर छापा मारकर पांचवीं बार तमंचा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यहां वेस्ट यूपी के लिए ऑन डिमांड तमंचे बनाए जा रहे थे। पुलिस ने सरगना को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार तैयार तमंचों को आरोपी अलमारी में पत्नी के कपड़ों में छिपाकर रखता था।
एसपी देहात अविनाश पांडेय ने बताया कि परीक्षितगढ़ क्षेत्र के अहमदनगर बढ़ला गांव में शनिवार रात पुलिस का एक घर में तमंचे बनाने की सूचना मिली थी। मुखबिर की सूचना पर सीओ सदर देहात अखिलेश भदौरिया और एसओ परीक्षितगढ़ शिवदत्त सिंह ने अहमनगर बढ़ला निवासी खान मोहम्मद उर्फ खानू पुत्र मुंशी सैफी के घर पर पुलिस फोर्स के साथ छापा मारा, जहां मौके पर तमंचे बनते मिले। तलाशी के दौरान मौके से अधबने तमंचे, लोहे की नाल, चार ट्रिगर, चार स्प्रिंग, एक कंपास, एक पंखा भट्टी, एक शिकंजा, लोहा काटने वाली मशीन और अन्य सामान बरामद हुआ। पुलिस टीम ने आरोपी खान मोहम्मद उर्फ खानू को घर से ही गिरफ्तार कर लिया।
हैरान रह गई पुलिस
पुलिस ने जब आरोपी खान मोहम्मद से तैयार तमंचों के बाबत पूछा तो उसने कमरे की एक अलमारी में तमंचे होना बताया। पुलिस ने जब इस अलमारी की तलाशी ली तो हैरान रह गई। पता चला कि इस अलमारी में पत्नी के कपड़े रखे होते थे और वह इन्हीं कपड़ों में तैयार तमंचे छिपाकर रखता था ताकि किसी को शक न हो। एसपी देहात के अनुसार इस अलमारी से 315 बोर के तैयार एक दर्जन तमंचे बरामद किए गए।
कई बार जेल गया, 15 मुकदमे दर्ज
एसपी देहात के अनुसार आरोपी खान मोहम्मद उर्फ खानू के घर में साल 2010 से साल 2018 के बीच पुलिस ने दबिश देकर चार बार तमंचा बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई थी। यहां से भारी मात्रा में अवैध असलाह एवं तमंचे बरामद किए जा चुके थे। जेल से छूटते ही आरोपी लगातार तमंचा बनाने का काम करता रहा। आरोपी पर तमंचा बनाने की फैक्टरी चलाने और पुलिस मुठभेड़ सहित संगीन धाराओं में 15 मुकदमे दर्ज हैं।
चुनाव में बढ़ गया काम
एसपी देहात ने बताया कि आरोपी खान मोहम्मद उर्फ खानू मेरठ, मुजफ्फरनगर, दिल्ली, हापुड़, गाजियाबाद, बागपद ,मुजफ्फरनगर समेत कई जनपदों में तमंचा एवं अवैध हथियारों की सप्लाई करता है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि विधानसभा, लोकसभा एवं ग्राम प्रधान के चुनावों में तमंचे और अन्य हथियारों की बिक्री अधिक होती है। तमंचा बनाने में करीब एक हजार रुपये की लागत आती है, जो तीन हजार रुपये में बिक जाता है। लोकसभा चुनाव के चलते वेस्ट यूपी में ऑन डिमांड तमंचे बनाकर बेचे जाते हैं।