चुनौती बन चुके अंकुर बैसला हत्याकांड में गंगानगर थाना पुलिस पर संगीन आरोप लगे हैं। दो लोगों ने बुधवार को कोर्ट में आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस थर्ड डिग्री देकर हत्या में बेकसूरों को जेल भेजना चाहती है। तीन दिन से पुलिस उनको पीटकर जबरन हत्या की वारदात कबूलवाने का दबाव बना रही थी। इंकार करने पर पुलिस ने कार चोरी का केस बना दिया।
इंस्पेक्टर कुंवरपाल सिंह के बेटे अंकुर बैसला की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन दिन पहले कसेरू बक्सर निवासी अरविंद और मोनू को पकड़ा था। आरोप हैं कि दोनों युवकों को गंगानगर पुलिस ने थाने से दूर एक कमरे में बंद रखा और रोजाना उनकी पिटाई की। पुलिस युवकों से जबरन अंकुर की हत्या करना कबूलवाना चाहती है। जिसके चलते तीन दिन तक उनको पुलिस की थर्ड डिग्री झेलनी पड़ी। युवकों ने दावा किया कि अंकुर की हत्या से उनका कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस चाहे उन दोनों की हत्या कर दे, इस वारदात को नहीं कबूलेंगे।
मामला नहीं बना तो पुलिस ने दस महीने से थाने में खड़ी लावारिस इंडिका कार चोरी में दोनों को आरोपी बना डाला। बुधवार को गंगानगर पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। आरोपियों ने न्यायालय में गंगानगर पुलिस का कारनामा उजागर किया।
फजीहत होगी तो ऐसा करेंगी पुलिस
केस खोलने में फेल साबित हो रही पुलिस पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि रोजाना किसी को पकड़कर थाने लाती है और अपना मतलब हल होने पर छोड़ देती है। किसी ने बात नहीं मानी तो उसे चोरी का केस लगाकर जेल भेज देती है। सवाल यह भी है कि अगर पुलिस इस मर्डर केस को नहीं खोल पा रही है तो क्या इसी तरह बेकसूरों पर जुल्म ढहाकर अपनी फजीहत कराएगी।
थर्ड डिग्री का अड्डा भी अलग
लोगों को थर्ड डिग्री देने के लिए पुलिस ने गंगानगर स्थित एक स्कूल में कमरा लिया हुआ है। जिसमें लोगों से पूछताछ होती है और जरूरत पड़ने पर उनको थर्ड डिग्री दी जाती है। जेल जाने से पहले दोनों आरोपियों ने कोर्ट में पुलिस के इस नए अड्डे की जानकारी दी। दोनों आरोपियों को भी पुलिस ने उक्त कमरे में तीन दिन बंद किया व थर्ड डिग्री दी।
हत्या के पीछे गहरी साजिश
अंकुर की हत्या के पीछे गहरी साजिश है। जिसका खुलासा करना पुलिस के चुनौती बन गया है। जिसके चलते वह किसी भी तरह खुलासा करना चाहती है।