लिसाड़ीगेट पुलिस ने महिला खिलाड़ी से दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में मां और एक भाई समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। खिलाड़ी ने परिवार पर देह व्यापार कराने के प्रयास का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित खिलाड़ी ने पुलिस को अपनी मां की कई वीडियो दी हैं, जिसमें बहुत कुछ आपत्तिजनक सीन है। देररात तक पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी रही।
मामला लिसाड़ीगेेट का है। ताइक्वांडो की एक महिला खिलाड़ी बीए प्रथम की छात्रा है। महिला खिलाड़ी का आरोप है कि 12 सितंबर 2018 में उसके भाई ने दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। मां पर घर में वेश्यावृत्ति करने का आरोप लगाया। साथ ही उसकी पढ़ाई व कोचिंग छुड़वाकर देह व्यापार में धकेलना चाहती है। सात माह पहले इसकी शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। परिवार के लोगों ने पंचायत करके मामला दबा दिया।
खिलाड़ी ने आरोप लगाया कि उसकी मां के एक तथाकथित पत्रकार से संबंध हैं। दो दिन पहले पीड़ित छात्रा ने यथार्थ के सारथी संस्था की अध्यक्ष जूही त्यागी को मामले की जानकारी दी। छात्रा ने मां की अश्लील वीडियो भी संस्था अध्यक्ष को सौंपी। शुक्रवार सुबह संस्था के पदाधिकारी छात्रा के साथ लिसाड़ीगेट थाने पहुंचे। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला और इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट नजीर अली ने टीम गठित कर छात्रा के भाई, मां और तथाकथित पत्रकार शहजाद निवासी शाहपीर गेट कोतवाली को गिरफ्तार किया है।
161 के बयान दर्ज
लिसाड़ीगेट थाने में महिला कांस्टेबल नीलू ने पीड़ित छात्रा के 161 के बयान लिए। छात्रा की मां से पूछताछ की। इसमें पता चला कि छात्रा का पिता अपनी बड़ी बेटी से दुष्कर्म करने के मामले में आठ साल पहले जेल गया था। तभी से महिला अपने दो बेटे व बेटियों के साथ लिसाड़ीगेट में रह रही थी। वहीं, पुलिस ने छात्रा के दोनों भाइयों से देररात तक पूछताछ जारी रखी। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच करने में जुटी है। छात्रा के पास मां की अश्लील वीडियो कैसे पहुंची, इसको जांच की जा रही है।
आठ माह से परिवार में चल रही थी कलह
मेरठ। ताईक्वांडो खिलाड़ी के परिवार में आठ माह से कलह चल रही है। मामला पुलिस के पास भी पहुंचा, लेकिन घर का मामला बताकर उसे रफा-दफा कर दिया गया। परिवार के लोगों की पंचायत भी बैठी, जिसमें छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताकर उसका मुंह बंद करा दिया गया। छात्रा ने अपनी मां और एक भाई पर जबकि मां ने छात्रा पर आरोप लगाए। दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे और उनके खिलाफ सुबूत तलाशते रहे। मां ने छात्रा की ताइक्वांडो की कोचिंग बंद करा दी तो छात्रा ने मां की अश्लील वीडियो और तथाकथित पत्रकार की घिनौनी हरकत की पोल खोल दी। एक भाई पर भी दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया।
हैनीट्रैप में फंसते थे लोग
ताईक्वांडो खिलाड़ी का परिवार लिसाड़ीगेट में बदनाम है। खिलाड़ी की मां हैनीट्रैप मेें लोगों को फंसाती थी। उसकी वीडियो पुलिस को मिली है। वीडियो में दिख रहा कि महिला किसी को फंसाकर अश्लीलता करती है और तथाकथित पत्रकार उनकी वीडियो बना रहा है। इसका वीडियो भी खिलाड़ी ने पुलिस को सौंपा है। बताया गया कि महिला कई लोगों को वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल भी कर चुकी है। वीडियो तथाकथित पत्रकार शहजाद बनाता था। वहीं, लोगों को ब्लैकमेल करता था। सवाल है कि छात्रा के पास यह अश्लील वीडियो कैसे पहुंची। हालांकि छात्रा ने मां के मोबाइल से गुपचुप तरीके से वीडियो निकालने की बात कही।
कोच से जाल में फंसी बेटी : मां
पुलिस की पूछताछ में खिलाड़ी की मां का कहना है कि पति की गंदी हरकत के चलते उसको तलाक दे दिया था। वह मजदूरी करके बच्चों की परवरिश कर रही है। बेटी की बीए की पढ़ाई तक का खर्चा उठाया। बेटी घर से पैसे चोरी कर कोच को देती थी। कई परिचितों से उसने पैसा लिया। ताइक्वांडो की महिला कोच ने उसकी बेटी को अपने जाल में फंसाया हुआ है। बेटी व कोच के बीच समलैगिंता हो सकती है। कोच कई दिनों तक बेटी को अपने साथ टूर पर ले जाती है। विरोध करने पर कोच उसको भड़का देती है। आरोप लगाया कि कोच उसकी बेटी को कहीं पर फंसा रही है। खुद की अश्लील वीडियो के बारे में उसने कहा कि दस दिन पहले प्लाट खरीदवाने के बहाने गांधी आश्रम के पास एक व्यक्ति नंदनी बार में ले गया। नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जिसकी वह शिकायत करेगी।
चौथे आरोपी की पहचान
छात्रा के दुष्कर्म के प्रयास के मामले में चौथे आरोपी का नाम ललित शर्मा बताया गया है। ललित शर्मा कौन है और कहां का निवासी है इसकी जानकारी छात्रा व उसकी मां को भी नहीं है। सीओ कोतवाली का कहना है कि चौथे नामजद आरोपी की पहचान करने के लिए पुलिस टीम लगा दी। देर रात तक लिसाड़ी गेट पुलिस चौथे आरोपी की पहचान करने में जुटी रही।
पीड़िता के मेडल और प्रमाणपत्र फर्जी
मेरठ। पीड़ित ताईक्वांडो खिलाड़ी के पास मिले मेडल और जिला स्तर से लेकर दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल खेलों के प्रमाण पत्र फर्जी संस्था ने जारी किए हैं। 2018 में दिल्ली में जिस प्रतियोगिता का सर्टिफिकेट पीड़िता के पास है, उस पर ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटी प्रभात शर्मा के साइन ही नहीं हैं। जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव अनु कुमार ने ताइक्वांडो खेल के विशेषज्ञों से प्रमाणपत्रों की जांच कराई। उन्होंने प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की पुष्टि की।
गंभीरता से जांच होगी
पीड़ित छात्रा की शिकायत आने पर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। महिला पुलिस ने 161 के बयान दर्ज कर लिए हैं। सोमवार को कोर्ट के सामने छात्रा को पेश किया जाएगा। जहां पर 164 के बयान होंगे। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच करने में जुटी है। -नितिन तिवारी, एसएसपी
कार्रवाई करा दी
यथार्थ के सारथी संस्था अध्यक्ष जूही त्यागी ने बताया है कि पीड़ित छात्रा ने उनसे शिकायत की। सुबूत लिए और पुलिस को सूचना दे दी। जिस पर पुलिस ने छात्रा की मां, भाई समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित छात्रा ने जान का खतरा बताया है। उसको आशा ज्योति केंद्र भेजा गया।