एसएसपी आवास पर एक चोरी का मोबाइल पिछले डेढ़ माह से चल रहा है। जबकि पीड़ित छात्र जिसका मोबाइल (आई फोन) है, वह थाने के चक्कर काट रहा है। जैसे-तैसे कर छात्र ने मुजफ्फरनगर में सर्विलांस सिस्टम से फोन चलाने वाले सिपाही का पता लगाकर कॉल की तो सिपाही उसे धमकी देने लगा। शनिवार को एनएएस कॉलेज के छात्रों ने एसएसपी ऑफिस पर हंगामा कर फोन को बरामद करने की मांग की।
मामला एसएसपी आवास स्थित सर्विलांस ऑफिस का है। एनएएस कॉलेज के बीए का छात्र आकाश राठी मोहनपुरी में किराये पर रहता है। 20 जुलाई 2016 को आकाश का एप्पल आई फोन डबल एस कमरे से चोरी हो गया। इसकी शिकायत आकाश ने सिविल लाइन थाने में की। पुलिस ने सर्विलांस पर फोन लगवाने की बात आकाश से कही। फोन के बारे में जानकारी जुटाने के लिए आकाश सिविल लाइन थाने तो कभी सर्विलांस में जाकर जानकारी लेता रहा, लेकिन पुलिस उसको टरकाती रही।
आकाश के एक दोस्त का जानने वाला सिपाही मुजफ्फरनगर में सर्विलांस सेल में है। आकाश से सिपाही की मुलाकात हुई तो उसने उसके मोबाइल का पता लगाया। जानकारी हुई कि उसका मोबाइल डेढ़ माह से एसएसपी मेरठ आवास पर एक सिपाही चला रहा है। मुजफ्फरनगर के फोन चलाने वाले सिपाही का नंबर भी छात्र को दे दिया। छात्र ने उक्त नंबर पर कॉल की। जिस पर एक सिपाही बोला और मुकदमा दर्ज करने की धमकी देने लगा।
छात्रों का एसएसपी ऑफिस पर हंगामा
एनएएस कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष तरुण मलिक के नेतृत्व में छात्रों ने शनिवार को एसएसपी ऑफिस पर हंगामा किया। छात्रों को एसएसपी नहीं मिले। उन्होंने शिकायत प्रकोष्ठ में अपना शिकायती पत्र सौंपा। एसएसपी आवास में चोरी का फोन चलने पर छात्रों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। छात्रों और पुलिस की तीखी झड़प भी हुई। पुलिस ने छात्र को मोबाइल दिलाने का आश्वासन दिया है।
कौन करेगा पुलिस पर यकीन
पुलिस का इकबाल गिरता जा रहा है, इसमें पुलिस सिस्टम ही जिम्मेदार है। आम आदमी जैसे तैसे कर अपना चोरी हुआ मोबाइल सर्विलांस पर लगवाते और पुलिस उनको गुमराह करती है। उनको कैसे पता चलेगा कि उनका फोन मिला या नहीं। ऐसे कई मामले होंगे, जिनके चोरी के फोन तो मिले। लेकिन पीड़ित तक नहीं पहुंचे। ऐसे में पुलिस पर आम जनता कैसे यकीन करेगी।