उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में पोक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ओमप्रकाश वर्मा ने रिश्ते की पौत्री/किशोरी से डरा धमकाकर दुष्कर्म के आरोपी नीरज को दस साल के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक विनीश कुमार के अनुसार थाना चांदपुर में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 15 साल की बेटी 26 जुलाई 2017 को घर पर अकेली थी। उसके पड़ोसी नीरज जो उसकी बेटी का रिश्ते का दादा लगता है ने उसके घर आकर उसकी बेटी से दुष्कर्म किया। नीरज ने पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने उसकी बेटी से कई बार दुष्कर्म किया। 16 अगस्त 2017 की रात नीरज ने मकान की छत पर बुलाकर उसकी बेटी से दुष्कर्म किया। रात को जब परिवार के सदस्यों की आंखें खुलीं तो उनकी बेटी अपने बिस्तर पर नहीं थी। जब वे उसे ढूंढते हुए छत पर पहुंचे तो आरोपी को बेटी के साथ दुष्कर्म करते देखा, लेकिन वह फरार हो गया। उनकी बेटी ने बताया कि नीरज ने उसके साथ दुष्कर्म की वीडियो बना रखी है। वह उसे डराता है और उसके पास न जाने पर वीडियो गांव में वायरल करने की धमकी देता है। वह डरी सहमी उसका कहना मानती रही और आरोपी उससे दुष्कर्म करता रहा।
वहीं पीड़िता के परिजन इसकी शिकायत नीरज से करने गए तो नीरज ने तब भी उनकी बेटी के फोटो व वीडियो इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी। अदालत ने आरोपी नीरज को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि प्रतिकर के रूप में पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं। अर्थदंड न देने पर एक साल के अतिरिक्त कठोर कारावास देने के निर्देश दिए हैं।
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