वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी ने स्पोर्ट्स गुड्स बनाने वाली फर्म के दो ऑफिसों पर छापा मारते हुए पांच करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी है। टीम ने मौके से बिल बुक और सात लूज पेपर जब्त किए हैं। स्पेशल इन्वेटीगेशन ब्रांच (एसआईबी) ऐसी कंपनियों की निगरानी कर रही है जो प्रदेश के बाहर से आयरन स्टील मंगाती हैं। ऑनलाइन जांच के दौरान पता चला कि वंदना इंडस्ट्रीज अशोक वाटिका प्रभात नगर ने अप्रैल 2016 के बाद से कोई टैक्स जमा नहीं किया। अक्तूबर 2016 के बाद खरीद और बिक्री का ब्यौरा भी विभाग को नहीं दिया गया। जिसकी सूचना वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर विनोद कुमार सिंह को दी गई। सोमवार को एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर डॉ. अभय शुक्ला, असिस्टेंट कमिश्नर विजय सोनी, राजीव त्यागी असिस्टेंट कमिश्नर, पवन कुमार सीटीओ की टीम प्रभात नगर पहुंची। जहां इस नाम की कोई फर्म नहीं मिली।
वहां मिले छोटे से दफ्तर में मौजूद स्टाफ से पता चला कि फर्म का कारोबार टीपी नगर से होता है। टीम टीपी नगर पहुंची तो वहां भारी मात्रा में स्क्रैप, डंबल व लोहे का मैटेरियल मिला। बताया गया कि पंजीकरण स्पोर्ट्स गुड्स बनाने के नाम पर लिया गया था। लेकिन यहां पर स्पोर्ट्स का कोई आइटम नहीं बिक रहा था, बल्कि प्रदेश के बाहर से खरीदा गया लोहा दो नंबर में बेचा जा रहा था।
तो बना दी दूसरी फर्म
एडिशनल कमिश्नर वीके सिंह के अनुसार टीम जब फर्म के दूसरे रास्ते से निकली तो वहां एमएस स्टील का बोर्ड लगा था। यह फर्म खंड 8 में पंजीकृत थी और टैक्स चोरी के मामले में साल 2014 में इसका पंजीकृत खत्म कर दिया गया था। जिससे साफ है कि एक फर्म बंद हुई तो पता बदलकर दूसरी बना दी गई। लेकिन दूसरी फर्म का गोदाम नहीं बदल पाए।
2015 से लगातार टैक्स चोरी
एमएस स्टील के बंद होने के बाद वंदना सिंह के नाम पर वंदना इंडस्ट्री बना दी गई। चालू वित्त वर्ष में अब तक 2.20 करोड़ और बीते वित्तीय वर्ष में 2.55 करोड़ की टैक्स चोरी की गई है। हालांकि वास्तविक टैक्स चोरी जांच कंप्लीट होने के बाद ही तय होगी।
18 लाख कराया जमा
सोमवार को सचल दल ने सात गाड़ियों से टैक्स चोरी का सामान पकड़ा। जिनमें से 4 गाड़ियों से टैक्स चोरी का 18 लाख रुपये जमा कराया गया।