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छेड़खानी से तंग किशोरी ने एसएसपी दफ़्तर पर किया आत्मदाह का प्रयास 

Wed, 24 Jan 2018 01:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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एसएसपी ऑफिस पर आत्मदाह की कोशिश करती युवती को रोकती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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युवकों की छेड़खानी से तंग एक किशोरी और उसके परिजन आठ महीने तक कानून की चौखट के चक्कर काटते रहे। किशोरी मंगलवार को एसएसपी दफ्तर जा पहुंची और आत्मदाह की कोशिश की। इसके बाद एसएसपी ने युवती के परिजनों से बात की। एसएसपी ने केस की जांच करने वाले दो दरोगाओं को निलंबित कर दिया है और सीओ से भी जवाब मांगा है।
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मामला पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के एक गांव का है। किशोरी के परिजनों का आरोप है कि गांव के तीन युवक बेटी से छेड़खानी करते हैं। तमंचा दिखाकर उसे डराते धमकाते हैं, अपहरण कर दुष्कर्म की धमकी देते हैं। 3 जून 2017 को उन्होंने पल्लवपुरम थाने में आरोपियों के खिलाफ छेड़खानी, धमकी देने और पाक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे आरोपियों की हरकत और बढ़ती गई। परिवार का गांव में रहना मुश्किल हो गया, वे कभी थाने तो कभी पुलिस अफसरों के चक्कर काटते रहे। गृह मंत्रालय तक शिकायत भेजी लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। 
एक जनवरी को आरोपियों ने उनके घर में घुसकर उसकी बेटी से अश्लील हरकतें की और उसे उठाकर ले जाने का प्रयास किया। किसी तरह उन्होंने बेटी को बचाया। इसके बाद भी पुलिस टरकाती रही। इसी से आहत किशोरी और परिवार के सदस्य मंगलवार को एसएसपी दफ्तर पहुंचे। दफ्तर के बाहर परिसर में ही किशोरी 
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ने  एक बोतल में भरकर लाया गया केरोसिन खुद के ऊपर उडे़ल लिया और आग लगाने की कोशिश की, ये देख वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे रोका। महिला पुलिस कर्मियों ने उसे पकड़ा और केरोसिन की बोतल छीनी। एसएसपी मंजिल सैनी ने मां बेटी दोनों को अपने पास बुलाकर पूरे मामले की विस्तार से जानकारी ली। उन्हें भरोसा दिया कि इस केस को गंभीरता से लेकर जांच होगी। एसएसपी ने इस केस की जांच एसपी सिटी मान सिंह चौहान को देते हुए 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है।

जलालत की जिंदगी जीने से बेहतर तो मौत
किशोरी की मां के अनुसार पुलिस से न्याय नहीं मिला। आरोपियों की हरकत बढ़ती जा रही थी। जलालत की ये जिंदगी जीने से तो बेहतर एक बार ही मर जाना है। इसके बाद ही उन्होंने पुलिस की चौखट पर आत्मदाह का फैसला किया। 16 जनवरी को उन्होंने अधिकारियों के यहां इस संबंध में शिकायती पत्र दिया।

थाने में ही आरोपी पक्ष ने धमकाया
पीड़ित युवती की मां के अनुसार 16 जून को उनकी शिकायत पर एसएसपी ने इस केस की जांच सीओ दौराला को दी। उन्होंने हमें थाने में बुलाकर पक्ष सुना। वहीं पर दूसरी पार्टी ने हमारे साथ अभद्रता की और धमकाया। इसके बाद आरोपियों ने स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर धमकाकर फैसले के लिये दबाव बनाने की कोशिश की। जिससे उनका परिवार दहशत में है।

कोट
इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। मामले की जांच करने वाले दो दरोगाओं को निलंबित कर दिया गया है। सीओ और एसओ को भी बुलाकर जवाब तलब किया गया है। 
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मंजिल सैनी एसएसपी 
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