जिस समय पूरे परिवार ने जहर खाकर जीवन लीला समाप्त करने जैसा कठोर कदम उठाया। उस समय परिवार का इकलौता पुत्र राहुल घर पर नहीं था। कारण था उसका गुरुवार को बीबीए का मेरठ पेपर था। जिस कारण वह बुधवार को पेपर देने के लिए घर से चला गया था। जिस कारण वह जहर खाने से बच गया तथा परिवार के लोगों का कहना है कि पीडित परिवार ने घटित हुई घटना की जानकारी से बेटे को नहीं दी थी।
मजबूरी में उठाया कदम
यूं तो वेदपाल बीएससी कृषि की पढ़ाई कर चुका है और उनकी पत्नी भी पढ़ी लिखी है। उनकी तरह बेटा व बेटी भी पढ़े, इसके लिए वह उन्हें अच्छे कॉलेज में पढ़ाई करा रहे हैं। बेटा राहुल मवाना खुर्द स्थित रुद्रा कॉलेज में बीबीए व बेटी शिवानी दिल्ली विश्वविद्यालय में बीसीए की पढ़ाई कर रही है। पढ़ा लिखा परिवार होने के बाद भी इस तरह का कदम उठाने के पीछे हर तरफ से निराशा हाथ लगनी थी। उपचार के दौरान वेदपाल ने बताया कि वह भी जानते है कि आत्महत्या करना कायरता है, लेकिन जब न्याय न मिले और इज्जत के साथ लगातार खिलवाड़ होता रहे तो इस तरह का कदम उठाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि गांव में आने जाने के दौरान हर कोई उनके परिवार का मजाक उड़ाता था। लेकिन ग्रामीणों ने दबंगों को रोकने का प्रयास नहीं किया और न ही उनका साथ दिया।
पुलिस ने आरोपियों के यहां दी दबिश
महिला की मौत के बाद आखिरकार हस्तिनापुर पुलिस हरकत में आई और बेटे राहुल कैम की तहरीर के आधार पर दर्ज मुकदमें के बाद पुलिस ने पल्टूपुरी स्थित आरोपियों के घर पर दबिश दी। हस्तिनापुर पुलिस के साथ बहसूमा पुलिस भी मौजूद रही। पुलिस ने महिलाओं से आरोपियों के बारे में पूछा, लेकिन वह घर पर नहीं थे। इस पर पुलिस ने दो महिलाओं को हिरासत में ले लिया और थाने ले आई। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपी पेश नहीं हुए तो सख्त कार्रवाई होगी।
हस्तिनापुर पुलिस की भूमिका पर सवाल
मृतका के पति वेदपाल व पूरे परिवार ने हस्तिनापुर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाएं। उनका कहना है कि बार-बार उन्होंने थाना पुलिस से घटना को लेकर शिकायत की, लेकिन पुलिस से उन्हें न्याय नहीं मिल सका। इस पर उन्होंने कप्तान से भी शिकायत की, लेकिन उसके बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से के कारण उन्हें इस तरह का कदम उठाना पड़ा। यदि हस्तिनापुर पुलिस उनकी शिकायत को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करती तो शायद उन्हें इस तरह का कदम नहीं उठाना पड़ता। राजवीरी की मौत के बाद हस्तिनापुर पुलिस अब लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। यदि 12 अप्रैल को ही पुलिस इस तरह दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लेती तो उनके साथ 14 व 15 अप्रैल को छेड़छाड़ व मारपीट की घटना न होती।
इनके खिलाफ हुआ मुकदमा दर्ज
महिला राजवीरी की मौत हो जाने के बाद बेटे राहुल ने हस्तिनापुर थाने पहुंचकर रवि, गोपाल, आदेश, सोनू पुत्रगण पप्पू व पप्पू, सत्ते, कृष्णपाल पुत्रगण बनारसी व सचिन पुत्र सत्ते के खिलाफ धारा 147, 323, 452, 354, 352, 306, 3(2)वी में मुकदमा दर्ज कराया है।
मृतका राजवीरी के पति वेदपाल ने पड़ोसी कश्यप परिवार के आठ लोगों पर दबंगई दिखाते हुए छेड़छाड़ व मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जायेगा।
- अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना
पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में दबिश भी दी गई, लेकिन वह फरार मिले। जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जायेगी। घटना में पुलिस की भूमिका की भी जांच होगी।
- यूएन मिश्रा, सीओ मवाना
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