मुजफ्फरनगर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में गत 20 दिसंबर को हुए उपद्रव के मामले में लेह-लद्दाख के जनपद कारगिल निवासी छात्र को भी जेल से रिहा कर दिया गया। उधर, एक अन्य आरोपी कम्बर अब्बास की भी जमानत याचिका कोर्ट से मंजूर हो गई है।
सीएए को लेकर गत 20 दिसंबर को हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने शहर के आर्यसमाज रोड स्थित सादात हॉस्टल से भी 40 छात्रों को हिरासत में लिया था। इनमें से 28 छात्रों को जांच के बाद उसी दिन छोड़ दिया गया था, जबकि प्रथम दृष्टया जांच में 12 छात्रों की उपद्रव में संलिप्तता मानते हुए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। बाद में जेल भेज दिया गया था। इनमें लेह-लद्दाख के जनपद कारगिल के मोहल्ला थंग शांकू निवासी छात्र मोहम्मद अली भी शामिल था। जांच में जेल भेजे गए सभी 12 छात्रों की उपद्रव में संलिप्तता उजागर नहीं हुई थी। इस पर पुलिस ने जांच के बाद सभी छात्रों से उपद्रव समेत संगीन धाराएं हटा ली थी। संगीन धाराएं हटने के बाद छात्रों पर केवल धारा-188 ही चार्ज रह गया था, जिसमें कोर्ट से पूर्व में 11 छात्रों को जमानत मिल गई थी। इनमें लेह-लद्दाख के कारगिल निवासी छात्र मोहम्मद अली जेल में था। कोर्ट से आदेश कराकर उसे जेल से रिहा कर दिया गया है।
वहीं, उपद्रव के मामले में जेल में बंद एक अन्य आरोपी कम्बर अब्बास की भी जमानत अर्जी कोर्ट ने मंजूर कर ली है। उसे भी जल्द ही जेल से छोड़ दिया जाएगा।
इन्होंने कहा...
एसओ सिविल लाइंस समयपाल अत्री ने बताया कि जांच में मदरसे के छात्रों से संगीन धाराएं हट गईं थीं, जिसके चलते उन पर केवल धारा-188 ही रह गई थी, जिसमें उन्हें जमानत मिल गई थी। लेह-लद्दाख निवासी छात्र मोहम्मद अली को धारा-169 के तहत कार्रवाई कर जेल से रिहा कराया गया है।
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