सरधना का धार्मिक स्थल जिस पर नारे लिखे गए।
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सरधना में दुल्हैंडी पर माहौल बिगड़ने से बच गया। मोहल्ला किशोरकान स्थित दूसरे समुदाय के धार्मिक स्थल पर कुछ युवकों ने नारे लिख दिए, जिससे तनाव फैल गया। माहौल गरमाने से पहले ही मोहल्ले वालों ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल दीवार को पुतवा दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस पर कुछ युवकों ने छत से पथराव कर दिया। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए तीन युवकों को नामजद करते हुए दो युवकों की गिरफ्तारी कर ली। हालांकि सियासी दबाव के चलते रात में ही दोनों युवकों को जमानत पर छोड़ दिया गया।
धार्मिक स्थल की दीवार पर जब शरारती तत्वों द्वारा नारे और आपत्तिजनक शब्द लिखने की जानकारी फैली तो दूसरे समुदाय के लोगों में रोष फैल गया। इस बीच मोहल्ले के जिम्मेदार लोगों द्वारा माहौल बिगड़ने से पहले ही तत्काल दीवार को पुतवा दिया गया। सूचना पर सरधना थाना इंस्पेक्टर सुधीर कुमार तुरंत फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। अचानक छत से हुए पथराव से वहां अफरातफरी फैल गई। कई पुलिसकर्मी चोटिल होने से बचे।
संगठन कार्यालय बंद कराया
इंस्पेक्टर ने मामले की जानकारी लेकर धार्मिक स्थल के निकट एक संगठन के कार्यालय को बंद करा दिया। जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने धार्मिक स्थल की दीवार पर रंग डालने के मामले को लेकर मयंक पुत्र विनोद त्यागी निवासी कालंद, शानू पुत्र अनिल जैन और नितिन पुत्र जयप्रकाश निवासी मोहल्ला किशोरकान के खिलाफ धारा 151 (शांति भंग होने का अंदेशा) में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
पुलिस ने दबिश देकर शानू और नितिन को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, राजनैतिक दबाव में रात में ही उन्हें एक-एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई। शुक्रवार को सपा नेता सैय्यद मुमताज अली के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सरधना को ज्ञापन सौंपकर शरारती तत्वों की जांच कराकर कार्यवाई की मांग की गई।
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एक धार्मिक स्थल की दीवार पर वंदे मातरम लिखे जाने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। लोगों की भीड़ लगने से पहले दीवार से उसे मिटा दिया गया था। इस मामले को लेकर दोनों समुदायों के लोगों में कोई विवाद नहीं है।- सुधीर कुमार, इंस्पेक्टर सरधना