भाजपा नेताओं की हत्या के मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है। हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पांच दिनों से एसएसपी देवबंद में ही कैंप किए हुए हैं। उनके नेतृत्व में कई स्पेशल टीमें समेत 12 टीमें खुलासे में लगी हुई हैं, लेकिन अभी तक पुलिस को कोई भी ऐसा सबूत नहीं मिला जिससे हत्यारों तक पहुंचा जा सके।
ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री बन चुकी भाजपा नेताओं की हत्या को सुलझाने में जनपद का पूरा पुलिस अमला लगा है। एसएसपी दिनेश कुमार और एसपी देहात डॉ. विद्यासागर मिश्र पांच दिनों से देवबंद में कैंप कर पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में एसओजी, क्राइम ब्रांच, एडीजीसी क्राइम, सर्विलांस समेत करीब 12 टीमें लगातार बदमाशों की तलाश में जुटी हुई हैं। इतना ही नहीं दूसरे जनपदों की पुलिस को भी खुलासे के लिए लगाया गया है, लेकिन उसके बाद भी कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
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वहीं बुधवार को किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष चौधरी यशपाल सिंह, पालिका सभासद व भाजपा नगर इकाई के उपाध्यक्ष चौधरी धारा सिंह की हत्या के खुलासे के लिए एसटीएफ को लगाया गया है।
एसपी देहात डॉ. विद्यासागर मिश्र ने बताया कि अभी तक पुलिस को केस से संबंधित कोई लीड नहीं मिली है। खुलासे के लिए एसटीएफ को लगाया गया है। बता दें कि आठ अक्तूबर को मिरगपुर गांव निवासी चौ. यशपाल सिंह और 12 अक्तूबर को बंदरजुड्डा गांव निवासी चौ. धारा सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने यशपाल सिंह हत्याकांड में उनके बेटे अमित की तहरीर पर मिरगपुर गांव के सात लोगों को नामजद किया था। तभी से सातों लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया हुआ है। कोई गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई है, जबकि चौ. धारा सिंह हत्याकांड में पुलिस ने उनके भतीजे मनोज की तहरीर पर दो बाइक सवार अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की हुई है।
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