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एसपी साहब, डकैत असली है, लेकिन माल नकली

Mon, 03 Apr 2017 02:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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लिसाड़ीगेट में 20 मार्च को मीट व्यापारी के घर पड़ी 50 लाख की डकैती का रविवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने मीट व्यापारी के रिश्तेदार समेत छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। वहीं पीड़ित व्यापारी ने कहा कि पुलिस ने आरोपी तो असली गिरफ्तार किए हैं, लेकिन बरामद माल नकली है। मुख्य सरगना चार दिन पहले ही पुराने मामले में जेल जा चुका है। पीड़ित ने पुलिस और क्राइम बांच पर सवाल उठाए हैं। एसपी सिटी ने क्राइम ब्रांच की टीम के खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं।
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एसपी क्राइम अजय सहदेव और एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने रविवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि लिसाड़ीगेट के श्यामनगर निवासी मोहम्मद बिलाल पुत्र हाजी बाबू मीट व्यापारी है। 20 मार्च को हथियार बंद बदमाशों ने व्यापारी के घर में घुसकर व्यापारी की पत्नी और बच्चों को को बंधक बनाकर लाखों रुपये की डकैती डाल ली थी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर जांच की तो पता चला कि नफीस सपाटा ने अपने गैंग के साथ घटना को अंजाम दिया है। शनिवार दोपहर जामिया रेजीडेंसी लिसाड़ीगेट से लिसाड़ीगेट पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने छह बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। बदमाशों के पास से घटना में प्रयुक्त सेंट्रो कार, तीन तमंचे, कारतूस और चाकू बरामद किये हैं। इसके अलावा 4950 रुपये, कंगन, चूड़ी, एक जोड़ी झुमकी, तीन अंगूठी, और अन्य ज्वैलरी बरामद की है। पुलिस ने बताया कि नफीस और सलमान पीड़ित व्यापारी के रिश्तेदार हैं, जिन्होंने सरधना पशु पैठ में मिलकर आना जाना शुरू किया था।

ये हैं गिरफ्तार आरोपी
नफीस पुत्र यामीन निवासी इस्लामाबाद, थाना सरधना।
साबुद्दीन उर्फ साबू पुत्र बशीर निवासी मनोहर की पट्टी, दौराला।
सलमान पुत्र शमशाद निवासी खालापार कोतवाली, मुजफ्फरनगर।
जान मोहम्मद पुत्र आस मोहम्मद निवासी गांव मिलक, थाना सरधना।
इमरान पुत्र मेहरदीन निवासी मिलक, थाना सरधना।
दानिश पुत्र अयूब निवासी कस्बाबान, सरधना।
 
शादी का न्यौता देने के बहाने घुसे
एसपी क्राइम ने बताया कि गैंग का लीडर नफीस सपाटा निवासी इस्लामाबाद थाना सरधना है। वह डकैती की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। आरोपी सलमान रिश्तेदार भी है। अभियुक्त दानिश भी पीड़ित बिलाल के भाइयों को जानता है। सातों अभियुक्तों ने गांव मिलक में जान मोहम्मद के घर डकैती की योजना बनाई थी। मोबीन, नफीस और साबुद्दीन और सलमान शादी का कार्ड देने के बहाने घर में घुसे थे। जान मोहम्मद और दानिश घर के बाहर रेकी कर रहे थे। बाद में उन्हें पता चला कि घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में उनकी फोटो आ गई है। जिसके बाद नफीस सपाटा पुराने मामले में जेल चला गया। नफीस को छोड़कर अन्य सभी आरोपी अपने मोबाइल को बंद कर मुजफ्फरनगर पहुंच गये। अधिकांश सामान भी नफीस के पास था, जो पुलिस ने बरामद कर लिया।
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पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित व्यापारी बिलाल ने एसपी क्राइम से कहा कि साहब मेरे घर से चार लाख रुपये और डेढ़ किलो सोना व चांदी के जेवरात गये हैं। शनिवार रात को उसे लिसाड़ीगेट थाने में बुलाया गया था। पुलिस ने जबरन दबाव डाला कि दो लाख रुपये बरामद हुए हैं और जो जेवर मिले हैं उन्हें अपने ही बताना। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने दो लाख रुपये भी नहीं दिखाए। दो लाख से सोने का पानी फिरी ज्वैलरी खरीदकर दिखा दी। वह इस सामान को नहीं लेगा और मुख्यमंत्री से शिकायत कर इंसाफ मांगेगा। एसपी क्राइम ने कहा कि नफीस 28 मार्च को सरेंडर कर जेल चला गया। एसपी सिटी ने कहा कि अधिकांश जेवरात नफीस के पास हैं, जिसे रिमांड पर लिया जायेगा। यदि क्राइम ब्रांच ने दो लाख से जेवर खरीदे हैं तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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