परतापुर गांव में बेटी और दामाद के साथ रह रही वृद्धा की बेटे ने गला काटकर हत्या कर दी। वृद्धा की बेटी ने हत्यारोपी भाई के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया है। बेटी के अनुसार पिता की मौत के बाद उसकी मां घर के नौकर के साथ चली गई थी। इसी बात से नाराज होकर बेटा मां की जान का दुश्मन बना हुआ था।
पुलिस के अनुसार मूल रूप से फलावदा निवासी कृष्णा (70) अपने पति की मौत के बाद अपनी बेटी अमरेश और दामाद राजकुमार के साथ परतापुर गांव में किराए के मकान में रह रही थी। दामाद ट्रक चालक है, जो पांच दिन से ट्रक लेकर बाहर गया हुआ था। बेटी अमरेश सोमवार सुबह अपनी ननद से मिलने गाजियाबाद चली गई थी। घर में कृष्णा अकेली थी।
दोपहर करीब तीन बजे पड़ोस की महिला किसी काम से अमरेश के घर गई। वह जैसे ही घर के अंदर घुसी, तो कमरे में कृष्णा का खून से लथपथ शव देखकर उसकी चीख निकल गई। कृष्णा का गला धारदार हथियार से रेता गया था। कमरे में खून ही खून पड़ा था। पड़ोसियों की सूचना पर अमरेश भी पहुंच गई। इंस्पेक्टर परतापुर दीपक शर्मा के अनुसार शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अमरेश की तहरीर पर उसके भाई किशन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बेटे ने नहीं छोड़ा पीछा
इंस्पेक्टर परतापुर के अनुसार अमरेश ने बताया कि हमारा परिवार पहले फलावदा में ही रहता था। घर में दूर का एक रिश्तेदार नौकर का काम करता था। पिता की मौत के बाद मां उस नौकर के साथ चली गई थी। जो मेरे भाई किशन को नागवार गुजरा था। वो तभी से मां की जान का दुश्मन बन गया और मां की हत्या करने की बात करने लगा था। डर की वजह से मां मेरे पास आ गई थी। जिसके चलते हम बागपत में रहे। लेकिन वहां भी किशन पहुंच गया था। इसके बाद हम सिकंदराबाद जाकर रहने लगे, तो वह वहां भी पहुंच गया और मां की हत्या करने की कोशिश की थी। करीब आठ साल से वह मां को लेकर मेरठ आ गए थे। लेकिन एक बार किशन वहां भी पहुंच गया था, जिसके चलते वे मकान बदलकर परतापुर गांव में रह रहे थे। लेकिन आखिरकार किशन ने यहां भी पहुंचकर मां की जान ले ही ली।