पुलिस कस्टडी से लापता हुए युवक के मामले में रोहटा थाना पुलिस फंस गई है। गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार सुबह पुलिस को अंदर करके थाने में ताला लगा दिया। इससे पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एसएसपी के आदेश पर एसओ, दरोगा और एक सिपाही के खिलाफ युवक के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके बाद थाने का ताला खुला। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि 72 घंटे में युवक बरामद नहीं हुआ तो वह आंदोलन करेंगे।
कुख्यात अमित उर्फ मोनू जाट निवासी रोहटा को खाना पहुंचाने के शक में रोहटा पुलिस मंजू शर्मा निवासी रोहटा को मंगलवार रात उठाकर लाई थी। बुधवार रात पुलिस कस्टडी से मंजू लापता हो गया। शनिवार को भाजपा नेता सुनील भराला के नेतृत्व में ग्रामीण रोहटा थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस को अंदर कैद करके थाने में ताला लगा दिया। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि मंजू शर्मा की बरामदगी के बाद ही थाने का ताला खोला जाएगा।
सूचना पर एसपी देहात, सीओ सरधना समेत कई थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची गई। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह जिद पर अडे़ रहे। इस पर एसपी देहात ने एसएसपी से वार्ता की। एसएसपी के आदेश पर एसओ रोहटा वसीम खान, दरोगा नरेश कुमार और सिपाही कपिल कुमार के खिलाफ मंजू के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद ही ग्रामीणों ने थाने का ताला खोला। ग्रामीणों ने मंजू की बरामदगी के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
हत्या की आशंका जताई
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि पुलिस ने उसकी हत्या कर दी है। ग्रामीणों ने थाने में पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का बस एक ही सवाल था कि कहीं तुमने मंजू को मार तो नहीं दिया। पुलिसकर्मी कभी हाथ जोड़कर तो कभी शालीनता से ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते कि मंजू थाने से खुद फरार हुआ है।
मेरा बेटा भागने लायक ही नहीं था
मंजू के पिता धर्मपाल का कहना है कि बुधवार शाम को वह अपने बेटे को थाने में खाना खिलाकर गया था। पुलिस ने उसकी बहुत पिटाई कर रखी थी। वह उठ भी नहीं पा रहा था। बृहस्पतिवार सुबह वह गया तो मंजू थाने में नहीं था। पुलिस दिन भर उसे गुमराह करती रही। शाम को एक सिपाही ने बताया कि मंजू थाने से भाग गया है।
नेताओं का लगा जमवाड़ा
थाने पर ग्रामीणों के हंगामे की सूचना पर कई नेता समर्थन देने पहुंचे। भाजपा नेता सतेंद्र भराला, जिला पंचायत सदस्य मीनाक्षी भराला, रालोद नेता सुनील रोहटा आदि पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान प्रदीप ढड़रा, सुशील, अनिल, हरिओम, शिवम, संजय चौधरी, जितेंद्र सिंह, अतुल कुमार आदि रहे।
दरोगा ने खेत में छिपकर बचाई जान
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण दरोगा नरेश को देखकर उसकी ओर दौड़ पड़े। इस पर आरोपी दरोगा थाने के पीछे ज्वार के खेत में जा छिपा। वहां मौजूद सिपाहियों ने किसी तरह दरोगा को भागने का मौका दिया।
एसपी देहात ने थाना पुलिस को हड़काया
थानेदार समेत तीन पुलिसकर्मी पर रिपोर्ट होने पर अन्य पुलिसकर्मियों ने रोष जताया। इस पर एसपी देहात और सीओ ने थाना पुलिस को जमकर हड़काया। जब सभी ग्रामीण चले गए, तो एसपी देहात ने थाने पर मौजूद दरोगाओं और सिपाहियों को जमकर डांट लगाई। उन्होंने कहा कि थाने के मुंशी की लापरवाही का यह नतीजा है।
मामला गंभीर है। मंजू के पिता धर्मपाल की तहरीर पर थानेदार, दरोगा और एक सिपाही के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया है। पुलिस मंजू की तलाश में लगी है। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी।
डॉ. प्रवीन रंजन, एसपी देहात