गंगानगर में शिक्षक की हत्या करने के जिस आरोपी को पुलिस चार दिनों से ढूंढने का दावा करती रही। उसे शिक्षक के परिजनों ने खुद दबोच लिया। बृहस्पतिवार को हत्यारोपी सिविल लाइन स्थित सुशीला जसवंत राय हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में भर्ती मिला। जिसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से दो पिस्टल, एक तमंचा और 21 कारतूसों के अलावा हत्या के बाद फरार होने में प्रयुक्त कार भी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार गंगानगर के ब्लॉक निवासी शिक्षक जयराज पुत्र बलवीर सिंह की बीती 27 जून की रात घर के दरवाजे पर गोली बरसाकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपी प्रवीण पुत्र हरवीर सिंह निवासी जे ब्लॉक गंगानगर के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। पुलिस दावा कर रही थी कि हत्यारोपी की तलाश में मेरठ समेत कई जिलों में दबिश दी जा रही हैं। लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
उधर, बृहस्पतिवार दोपहर शिक्षक के परिजनों को जानकारी मिली कि प्रवीण सुशीला जसवंत राय हॉस्पिटल में इलाज करा रहा है। परिजन वहां पहुंचे तो प्रवीण अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड में बेड पर लेटा मिला। बेड पर ही असलहे और कारतूसों से भरा बैग रखा था। प्रवीण ने वहां से भागने की कोशिश की तो परिजनों ने उसे बेड पर ही दबोच लिया। सूचना पर सीओ सदर देहात श्रीकांत गंगानगर, इंचौली, परीक्षितगढ़, लालकुर्ती और सिविल लाइन पुलिस के साथ अस्पताल पहुंच गए, और प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया।
यह बताया हत्या का कारण
इंस्पेक्टर गंगानगर एपी सिंह के अनुसार प्रवीण ने पूछताछ में बताया कि जयराज ने उससे चार साल पहले दो लाख रुपये उधार लिए थे। जिसमें प्रवीण ने 50 हजार रुपये कमेटी के पैसों में काट लिये थे। डेढ़ लाख रुपये बकाया थे। जयराज ने तीन साल पहले 14 लाख का होम लोन लिया था। जिसमें प्रवीण गारंटर था। लेकिन जयराज लोन की किश्त जमा नहीं कर रहा था। जिस पर बैंक प्रवीण को नोटिस भेजकर दबाव बना रहा था।
इसको लेकर विवाद हो गया था। 27 जून की रात प्रवीण ने अपनी अर्टिका कार जयराज के घर से कुछ दूरी पर खड़ी कर दी थी। जिसके बाद जयराज के घर पहुंचकर गेट खुलवाया। जैसे ही जयराज ने गेट खोला तो प्रवीण ने पहले तमंचे से उसे कंधे के पास गोली मार दी। जमीन पर गिरा देखकर प्रवीण ने दूसरी गोली पिस्टल से चलाई। इसके बाद वह फरार हो गया था।