परीक्षितगढ़ स्थित लोधीपुरा नहर झाल में मंगलवार दोपहर रॉकेट मिलने से हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने रॉकेट कब्जे में लेकर उसे पुलिस लाइन भिजवा दिया। अंदेशा है कि करीब साढ़े तीन फीट लंबा और सात किलो वजनी यह रॉकेट किसी कबाड़ी द्वारा नहर में फेंका गया है।
परीक्षितगढ़ कस्बे से मात्र 100 मीटर की दूरी पर गंगनहर में मंगलवार दोपहर आसिफाबाद रोड स्थित लोधीपुरा नहर झाल पर कुछ ग्रामीण कपडे़ धो रहे थे। तभी उन्हें लोहे की भारी वस्तु सूखी नहर के किनारे पड़ी मिली। ग्रामीणों ने उस लोहे की वस्तु को बाहर निकाला और संदिग्ध वस्तु मानते हुए उसे वन रेंज कार्यालय में वनकर्मी महकार सिंह के पास ले गए। वनकर्मी की सूचना पर पहुंचे अफसरों ने पुलिस बुला ली।
वहां पहुंची थाना परीक्षितगढ़ पुलिस ने करीब साढ़े तीन फीट लंबा और करीब सात किलो वजनी इस लोहे की वस्तु को रॉकेट बताया तो सभी के होश उड़ गए। मामला आला अफसरों के संज्ञान में आया तो रॉकेट को जांच के लिए रिजर्व पुलिस लाइन मेरठ लाया गया। पुलिस अफसरों का कहना है कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
आया कहां से रॉकेट
ग्रामीणों ने बताया कि दो महीने से नहर सूखी पड़ी है। ग्रामीण अक्सर नहर में कपड़े धोने जाते है। मंगलवार को रॉकेट मिलने पर ग्रामीणों में अलग-अलग चर्चाएं है। किसी ने कहा कि रॉकेट रुड़की आर्मी सेंटर से आया है। जबकि कुछ ग्रामीणों का कहना है कि ज्यादा संभावना यही है कि किसी कबाड़ी ने इस रॉकेट में स्क्रैप में खरीद लिया हो और फिर फंसने के डर से उसे नहर में फेंक दिया हो।
गौरतलब है कि मेरठ में आशियाना कॉलोनी में जिंदा मोर्टार को कबाड़ी स्क्रैप में लेकर आया था। जिसे तोड़ने के दौरान धमाका होने से सात लोगों के चिथड़े उड़ गए थे।