रोडवेज में विदाउट टिकट (डब्लूटी) रोकने के लिए लगाए गए चेकिंग दल ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसा ही दो मामले सामने आए हैं। एक मामले में टीआई रिश्वत के स्टिंग में फंसे तो दूसरे मामले में दो टीआई परिचालक की नौकरी बचाने के लिए पांच की बजाय चार डब्लूटी लिखने में नप गए। तीनों टीआई को हटाकर आरएम ने मामले की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। वहां के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरएम मनोज कुमार पुंडीर ने बताया कि बृहस्पतिवार को भैसाली डिपो में कार्यरत संविदा परिचालक स्वयं सहारण उनसे मिले। परिचालक ने शिकायती पत्र देते हुए टीआई देवेंद्र भारद्वाज द्वारा रिश्वत मांगे जाने के दो स्टिंग आपरेशन की वीडियो क्लिप मुहैया कराई। परिचालक ने बताया कि तीन जुलाई को बस (यूपी-17टी 4671) को बड़ौत जाते समय टीएस अनिल शुक्ला के नेतृत्व वाले एमडी स्क्वायड ने चेकिंग के लिए बरनावा डेरा से बस चलते ही रुकवा ली थी। स्क्वायड में अनिल शुक्ला, यातायात अधीक्षक सुभाष शर्मा, अब्दुल जब्बार, देवेंद्र भारद्वाज टीआई थे। चेकिंग स्टाफ ने बताया कि बस में 8 डब्लूटी हैं तो उसने कहा बरनावा से चढ़ी सवारी के टिकट नहीं बने हैं। पांच सवारी ने टीम को पैसा देकर टिकट बनवा लिया। इसके बाद भी भारद्वाज ने आठ डब्लूटी लिखने की धमकी दी। बाद में 20 हजार रुपये की मांग की गई। इसके बाद उन्होंने 3 डब्लूटी लिख दी। बाद में बस कई बार चेक की गई और पैसा नहीं देने पर फिर से डब्लूटी लिखने की धमकी दी। 5 अगस्त को देवेंद्र भारद्वाज ईटीएम अनुभाग में उससे मिले और नौकरी बचाने के नाम पर बीस हजार रुपये मांगे। दोनों मामलों की परिचालक ने वीडियो बना ली। वीडियो देखने के बाद आरएम ने टीआई देवेंद्र भारद्वाज को स्क्वायड से हटाकर बड़ौत डिपो में तबादला कर दिया। उधर, टीआई देवेंद्र भारद्वाज ने मामले को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उन्होंने परिचालक स्वयं सहारण से रिश्वत नहीं मांगी बल्कि मावा मांगा था। उसने बताया था कि उनके गांव में मावा अच्छा बनता है।
दो टीआई और नपे
आरएम मनोज पुंडीर ने बताया कि इसके अलावा टीआई नरेंद्र मान और राजपाल सिंह पर भी 5 डब्लूटी की जगह 4 डब्लूटी लिखने पर कार्रवाई की गई है। दोनों ने बड़ौत डिपो की बस (यूपी 17 सी 5705) में पांच डब्लूटी पकड़ी थी। लेकिन परिचालक से सेटिंग होने पर चार डब्लूटी लिखी थी। इस पर नरेंद्र मान का बड़ौत डिपो में और राजपाल सिंह का सोहराबगेट डिपो में तबादला कर दिया है। कार्रवाई के लिए मुख्यालय से निर्देश मांगे गए हैं।
पांच डब्लूटी पर जाती है नौकरी
रोडवेज में पांच डब्लूटी मिलने पर परिचालक की नौकरी चली जाती है। निरीक्षण दस्ता परिचालकों से सेटिंग करके पांच से ज्यादा डब्लूटी मिलने के बाद भी कम डब्लूटी लिखकर नौकरी बचा लेता है।