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‘राशि की आबरू बचाने में हुई रिंकू की हत्या’

Fri, 01 Jan 2016 01:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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बैंक कैशियर रिंकू कुमार की हत्या क्यों और किसने की, इसका खुलासा बृहस्पतिवार को एसएसपी ने अपने ऑफिस में मीडिया के सामने किया। एसएसपी का कहना है कि रिंकू की हत्या राशि त्यागी की आबरू बचाने में हुई है।
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जिन्होंने रिंकू की हत्या की, उनका पुलिस ने पता लगा लिया है। जल्दी ही असली आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और जेल में बंद बेगुनाहों को छुड़ाया जाएगा।

सरधना के ईकड़ी गांव निवासी रिंकू कुमार की 12 दिसंबर को गढ़ रोड पर हत्या की गई थी। इस मामले में रिंकू की दोस्त राशि त्यागी उसके पिता ब्रजमोहन त्यागी, मामा कुलदीप त्यागी और भाई निशांत त्यागी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने राशि, ब्रजमोहन और कुलदीप त्यागी को जेल भेज दिया था।

रिंकू की हत्या का कारण पुलिस की जांच में स्पष्ट नहीं हुआ। हालांकि पीड़ित परिवार का आरोप था कि राशि और उसके परिजनों ने प्लानिंग के तहत हत्या की है।

एसएसपी डीसी दूबे ने बृहस्पतिवार को बताया कि रिंकू की हत्या में पांच नये चेहरे सामने आए हैं। पुलिस ने दो युवकों को उठाकर पूछताछ की, तो पता चला कि राशि त्यागी की आबरू बचाने में रिंकू की हत्या की गई। इस वारदात का खुलासा अब तक हो जाता, अगर पल्लवपुरम में भावना का मर्डर न होता। पुलिस रिंकू की हत्या के आरोपियों तक पहुंच चुकी है।
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जेल में बंद आरोपियों को छुड़वाएंगे
एसएसपी ने धारा 169 की कार्रवाई के तहत रिंकू की हत्या में नामजद आरोपियों को जेल से छुड़वाने की बात कही। उन्होंने बताया कि असली आरोपियों के खिलाफ तमाम सुबूत और जेल में बंद आरोपियों के बेगुनाह होने के सुबूत हमने जुटा लिये हैं।
एसएसपी ने कहा कि पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान यह वारदात हुई थी। पीड़ित पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज करा दी, जिसके चलते पुलिस को जल्दबाजी में नामजद आरोपियों को जेल भेजना पड़ा।

‘नशा करने वालों ने की वारदात’
एसएसपी का दावा है कि रिंकू की हत्या करने वाले युवक नशे के आदी हैं। ये युवक रोजाना सरायकाजी के पीछे शराब पीकर घूमते थे। हत्या वाले दिन भी युवक वहां टहल रहे थे। दो युवक राशि को खींचकर ले गए, जबकि तीन ने रिंकू पर जानलेवा हमला कर दिया। वारदात के दौरान एक बाइक सवार वहां से गुजर रहा था। बाइक की लाइट देखकर हत्यारे भागे थे।

राशि के ‘सच’ पर पुलिस की जांच
रिंकू और राशि एक ही गांव में रहते थे। दोनों में गहरी दोस्ती थी। राशि ने शुरुआत में झूठ बोला कि तेजगढ़ी चौराहे पर बदमाशों ने पर्स लूटा। बदमाशों का पीछा करते वह रिंकू के साथ सरायकाजी के पीछे पहुंचे, जहां कुछ युवकों ने रिंकू की हत्या कर दी।

लेकिन बाद में सख्ती से पूछताछ करने पर राशि ने बताया कि वह रिंकू के साथ सरायकाजी के पीछे गई थी। दोनों बातचीत कर रहे थे, तभी कुछ युवकों ने हमला बोल दिया। मेरी आबरू बचाने में रिंकू मारा गया। इसी ‘सच’ पर पुलिस जांच में जुटी थी।

कुलदीप के परिजनों ने लगाई गुहार
जेल में बंद कुलदीप त्यागी के परिजनों ने बुधवार को एसएसपी से गुहार लगाई थी। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि पुलिस मामले की सच्चाई खंगाल चुकी है। जल्द बेगुनाह जेल से छूटेंगे और असली गुनाहगार सलाखों के पीछे हाेंगे।

आरोपियों को बचाने की साजिश: जयपाल
रिंकू के पिता जयपाल सिंह का कहना है कि उनके इकलौते चिराग को प्लानिंग के तहत मारा गया। पुलिस नामजद आरोपियों को बचाने की साजिश रच रही है। वारदात की चश्मदीद एकमात्र राशि त्यागी है। पुलिस राशि से ठीकठाक पूछताछ करती तो हत्या में कौन-कौन शामिल थे, इसका खुलासा तभी हो जाता।

रिंकू को युवकों ने पीट-पीटकर मार दिया और राशि को खरोच तक नहीं आई, ऐसा संभव नहीं है। राशि ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी, उसके पास तो दो मोबाइल थे। जबकि रास्ते में मेडिकल थाने भी पड़ा होगा। रिंकू की हत्या भाड़े के बदमाशों से कराई है। शुक्रवार को वह फिर एसएसपी से मिलेंगे।
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