सीओ सिविल लाइन ऑफिस के पास सोमवार दिनदहाडे़ हथियारबंद बदमाशों द्वारा रिटायर्ड मेजर का अपहरण करने पर हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एक आरोपी सोनू मलिक निवासी भगवानपुर किठौर को अपहरण में नामजद किया गया है। हालांकि पुलिस 12 लाख रुपये के लेनदेन का मामला बता रही है।
पुलिस के अनुसार ईसापुर बीबीनगर बुलंदशहर निवासी सतपाल सिंह यादव करीब दस साल से बना मसूरी, इंचौली में रहते हैं। सतपाल की बना गांव में ओलंपिक स्पोर्ट्स फैक्टरी है। सतपाल बेटी पूजा के पास विकास विहार मोहनपुरी में सुबह नौ बजे गए थे। बेटी विकास विहार में रहकर पढ़ाई कर रही है। दोपहर करीब तीन बजे सतपाल ड्राइवर राहुल के साथ वापस फैक्टरी लौट रहे थे। आरोप है कि मोहनपुरी में सीओ सिविल लाइन ऑफिस के पास हथियारबंद बदमाशों ने ड्राइवर को पीटकर गाड़ी से उतार दिया और सतपाल यादव को उन्हीं की स्कॉर्पियो में अपहरण कर ले गए।
राहुल की सूचना पर सीओ सिविल लाइन हरिमोहन सिंह और इंस्पेक्टर सिविल लाइन अब्दुर रहमान सिद्दीकी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सतपाल की बेटी पूजा और ड्राइवर से जानकारी ली। इंस्पेक्टर के मुताबिक सतपाल पर सोनू मलिक निवासी भगवानपुर किठौर के 12 लाख रुपये हैं। इसको लेकर दोनों में विवाद चल रहा है। सोनू अपनी बुलेट पर आया था और उसके साथ दो बदमाश थे। उनके दो बेटे हैं। एक बेटा फैक्टरी में उनके साथ रहता है। जबकि दूसरा अभी पढ़ा रहा है। सतपाल को छह माह पूर्व ब्रेन हेमरेज हो गया था।
लखनऊ तक गूंजा मामला
दिनदहाडे़ रिटायर्ड मेजर के अपहरण का मामला लखनऊ तक गूंज गया। हालांकि उनका सुराग नहीं लगा। पुलिस ने आरोपी और सतपाल यादव के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई है। जांच में गढ़ रोड पर लोकेशन मिलने के बाद दोनों मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। पुलिस ने सोनू मलिक की तलाश में उसके घर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला। आरोपी के परिजनों ने भी कोई जानकारी नहीं दी। चश्मदीद ड्राइवर ने सोनू मलिक को पहचाना बताया।
कर रहे हैं तलाश
रिटायर्ड मेजर को सोनू और उसके दो साथी स्कॉर्पियो समेत अगवा करके ले गए हैं। मुकदमा दर्ज कर लिया है। तलाश जारी है। मामला 12 लाख रुपये के लेनदेन का बताया गया है। - डॉ. अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी