मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंगलवार सुबह शेरगढ़ी मलिन बस्ती का दौरा करते निकलते ही दलित समाज बेकाबू हो गया। आरोप लगाया कि सीएम ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण नहीं किया। देखते ही देखते शास्त्रीनगर पीवीएस रोड पर सैकड़ों लोगों ने जाम लगा दिया। जाम में फंसे वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए लोगों से अभद्रता की। पुलिस के सामने ही सीएम के होर्डिंग, पोस्टर, बैनरों में आग लगा दी। भीड़ ने आई ब्लॉक स्थित देसी शराब का ठेका लूट लिया। ठेके के अलावा उससे सटे पेट्रोल पंप और सिलेंडरों से लदी गाड़ी में आग लगाने की कोशिश की। करीब 20 मिनट चले इस बवाल से निपटने में कोई पुलिस अफसर आगे नहीं आया। बाद में मौके पर पहुंची मेडिकल पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा।
किसी ने नहीं दी सलाह
शेरगढ़ी में मुख्य मार्ग किनारे अंबेडकर पार्क है। पार्क में अंबेडकर प्रतिमा भी लगी है। शेरगढ़ी का दौरा करने पहुंचे मुख्यमंत्री को किसी अफसर या स्थानीय जनप्रतिनिधि ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण की सलाह नहीं दी।
सीएम के निकलते ही बखेड़ा
सीएम के शेरगढ़ी से निकलते ही दलित समाज के पुरुष और महिलाएं उग्र हो गईं। मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए शेरगढ़ी से निकली भीड़ ने सीएम के होर्डिंग पर पथराव शुरू कर दिया। होर्डिंग और बैनर जलाने के बाद भीड़ पीवीएस रोड पहुंच गई और जाम लगाकर वाहनों में तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी। भीड़ ने आई ब्लॉक में देशी शराब के ठेके का ताला तोड़कर 400 से ज्यादा पेटी शराब लूट ली। शराब की बोतलों को हवा में उछालते हुए पथराव किया। इस दौरान कुछ युवकों ने पेट्रोल पंप, शराब का ठेका और जाम में फंसी गैस सिलेंडरों से भरी गाड़ी को भी फूंकने का प्रयास किया।
पुलिस अफसर रहे मूकदर्शक
सीएम दौरे के दौरान 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी और पुलिस अफसर शेरगढ़ी में ही जमे थे। उपद्रव के दौरान पुलिस के कई आला अधिकारियों की गाड़ी भी वहां से गुजरी। लेकिन किसी ने भी मौके पर रुकने की पहल नहीं की। बाद में मेडिकल थाने से पहुंचे आठ-दस पुलिसकर्मियों ने बवाल को थामा।
इलाके में मची भगदड़
उपद्रव के दौरान शास्त्रीनगर इलाके में भगदड़ मच गई। दुकानों के शटर गिरने शुरू हो गए। शहर में भी तरह-तरह की चर्चाएं फैल गई थीं।
शोर मचा तो दहशत फैली
बेकाबू भीड़ ने ठेका, पेट्रोल पंप और सिलेंडर भरी गाड़ी में आग लगाने का शोर मचाया तो दहशत फैल गई। आईओसी पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने पंप बंद कर आग बुझाने के यंत्र उठा लिए। दरअसल शराब ठेके और पंप की दीवार आपस में सटी हैं। अगर ठेके में आग लगती तो पेट्रोल पंप भी इसकी चपेट में आ सकता था।