ढाई लाख के मोस्ट वांटेड बदन सिंह बददो के बेटे और 25 हजार के इनामी सिकंदर को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली। सिकंदर ने खुद को बेकसूर बताकर मुकदमे को रद्द करने की मांग करते हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
28 मार्च 2019 को कुख्यात बदन सिंह बद्दो को फतेहगढ़ पुलिस मेरठ लेकर आई थी। दिल्ली रोड स्थित मुकुट महल होटल से बद्दो पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। इस मामले में फतेहगढ़ के दरोगा देशराज त्यागी, संतोष कुमार, सुनील कुमार, राजकुमार, ओमवीर व भूपेंद्र सिंह के अलावा बद्दो के साथियों समेत 17 लोगों को नामजद किया गया था। इनमें मुकुट महल होटल का मालिक मुकेश गुप्ता और बद्दो का बेटा सिकंदर भी नामजद था। मुकेश गुप्ता को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया। जबकि सिकंदर को पुलिस तलाश नहीं कर पाई। पुलिसकर्मियों को छोड़कर हाईकोर्ट से सभी आरोपियों की जमानत हो चुकी है।
सिकंदर को बचाने का पैंतरा फेल
बदन सिंह बद्दो पर ढाई लाख और सिकंदर पर 25 हजार का इनाम है। पुलिस ने विदेश भागने से रोकने के लिये दोनों का रेड कार्नर नोटिस भी जारी किया है। मेरठ निवासी अधिवक्ता रविंद्र सिंह की वर्ष 1996 में हत्या कर दी गई थी। अदालत ने रविंद्र हत्याकांड में बद्दो को दोषी करार दिया था। रविंद्र को इंसाफ दिलाने के लिए उसके भाई अधिवक्ता देवेंद्र सिंह लगे हैं। देवेंद्र सिंह ने बताया कि सिकंदर ने अपने पिता बद्दो के सहयोगी आरोपी जवाहरलाल के जरिये हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। जिसको कोर्ट ने रद्द कर दिया है। सिकंदर ने बद्दो की फरारी के दौरान स्कूल में एडमिशन के लिए जाने की बात कहीं है। पुलिस के रिकॉर्ड में भी यह बात गलत मिली थी।