करीब 4 बजे सीओ ब्रह्मपुरी धर्मेंद्र चौहान घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने खुद बताया कि वह 3:34 बजे ओवरब्रिज से गुजरे थे। मंडी पर टीपीनगर पुलिस खड़ी थी। जबकि, यह घटना 3:30 बजे की बताई गई और छह मिनट तक हरिकिशन ओवरब्रिज पर ही खून से लथपथ पड़ा रहा। लेकिन, किसी ने कुछ नहीं बताया। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावर तो पुलिस के सामने से ही निकलकर भागे हैं। इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी ने बताया कि हमलावर पल्सर बाइक पर थे और गोली मारने के बाद परतापुर की तरफ भागे।
पुलिस से पहले डीएम को सूचना
वारदात की सूचना पुलिस को नहीं, बल्कि डीएम को दी गई। जबकि आम तौर पर लोग 100 नंबर पर सूचना देते हैं। डीएम ऑफिस से पुलिस अफसरों को सूचना दी गई। सूचना देने वाले नरेश ने बताया कि उसके पास सिर्फ डीएम ऑफिस का नंबर था।
शरीर के अंदर गोली, पुलिस बता रही संदिग्ध
डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि एक्सरे से पता चला है कि दोनों गोलियां शरीर के अंदर हैं। पेट में खून जम गया है। हरिकिशन की हालत गंभीर है। इतना सब होने के बाद भी पुलिस मामले को संदिग्ध बता रही है। इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी राजेश भारती का कहना है कि मौके पर खून पड़ा नहीं मिला। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में भला कौन गोली मार देगा। पुलिस जल्द इस वारदात का खुलासा करेगी। घटनास्थल पर दो तमंचे छोड़कर हमलावरों के भागने के पीछे क्या मकसद था, इसकी भी जांच की जा रही है।