कैसे की आरोपी के भाई ने बात
पुलिस ने बगैर जांच पड़ताल किए वारदात का खुलासा कर दिया। हालांकि ऑडियो पर पीड़ित परिवार सवाल उठा रहा है। पीड़िता के पिता का दावा है कि दुष्कर्म के मुकदमे के बाद बेटी सहारनपुर नहीं गई। उसके पास कोई मोबाइल भी नहीं था। आरोपी के भाई की पीड़िता से फोन पर बात होना लोगों के गले नहीं उतर रहा है। इसकी भी जांच होनी चाहिए। पीड़िता के पास आरोपी के भाई का नंबर कहां से आया। ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं।
हिस्ट्रीशीटर ने रची सारी साजिश
एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि पूर्व ब्लाक प्रमुख धीरज पहाड़पुडियां मवाना थाने का हिस्ट्रीशीटर और यूपी पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने और फिर नामजद आरोपी के खिलाफ पीड़ित परिवार को बरगलाने का काम धीरज ने किया है। इसके चलते उसे गिरफ्तार किया गया है। अन्य लोगों की भी पुलिस जांच करने में जुटी है।
यह एक घिनौना अपराध है। नाबालिग लड़की को मोहरा बनाकर दुष्कर्म के आरोप लगाकर साजिश की गई। इस मामले के आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। किशोरी ने जान देकर साबित कर दिया कि वह गलत नहीं थी। परिवार ने किन हालात में यह काम किया है, इसकी जांच चल रही है।
- प्रवीण कुमार, आईजी मेरठ रेंज
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