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जुहेब की हत्या के साजिशकर्ता दबोचे, पिस्टल भी मिली मगर शूटर अभी भी पुलिस से दूर

Sat, 25 Feb 2017 02:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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जुहेब हत्याकांड के खुलासे में पुलिस ने जल्दबाजी दिखा दी है। हत्या के साजिशकर्ता तो पुलिस ने गिरफ्तार लिए, लेकिन शूटर अभी कोसों दूर हैं। इन बातों के बीच पुलिस द्वारा साजिशकर्ता से वारदात में प्रयुक्त पिस्टल बरामद करने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद शूटर एक पिस्टल साजिशकर्ता असब को देकर फरार हो गए थे। वहीं आरोपी असब का कहना है कि वारदात के बाद शूटरों से कोई मुलाकात नहीं हुई।
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आरोपी असब पब्लिशर अमित अग्रवाल का निजी ड्राइवर है। उसकी दोस्ती जुहेब से भी थी। जुहेब कभी-कभी असब के साथ शराब पीता था। इस बात की जानकारी मयंक को भी थी। जुहेब को मारने की बात राजू ने असब को बताई थी। 20 फरवरी की शाम असब ने फोन करके कैंटीन में जुहेब के साथ शराब की जानकारी दी थी। इसके बाद राजू दो शूटरों के साथ वहां पहुंचा। गोलियां बरसाकर जुहेब की हत्या करने के बाद सभी फरार हो गए। पुलिस ने असब और मयंक को दो दिन से हिरासत में ले रखा है। जुहेब की हत्या में मयंक और असब को आईपीसी की धारा 120 बी का मुल्जिम (साजिशकर्ता) बनाया गया है। जबकि, गोलियां बरसाने वाले शूटर पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं पुलिस का यह दावा गले नहीं उतर रहा है कि वारदात के बाद शूटर असब को पिस्टल क्यों देकर गए। इसलिए पुलिस के खुलासे को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
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जुहेब की बाइक से गया था असब

आरोपी ड्राइवर असब
आरोपी असब तीन दिन से नौचंदी थाने में बैठा था। वह बार-बार जुहेब की हत्या से कोई ताल्लुक न होने की बात कह रहा था। जिस सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में जुहेब बाइक पर जाता दिखा था, बाइक पर उसके पीछे असब भी बैठा था। पुलिस ने फुटेज में असब को देखा तो शक और गहरा गया। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो असब ने जुहेब के साथ बाइक पर सवार होने और कैंटीन में शराब पीने की बात कबूल ली। लेकिन, हत्या किसने की, यह बात वह दो दिन तक छिपाता रहा।

कैंटीन संचालक ने असब नहीं पहचाना
जुहेब की हत्या में कैंटीन संचालक समेत करीब 25 लोग चश्मदीद हैं। पुलिस ने कैंटीन संचालक रण सिंह को नौचंदी थाने में बुलाया, लेकिन उसने असब को पहचानने से इनकार कर दिया। रण सिंह ने बताया कि जुहेब के साथ एक युवक आया था, बस वह इतना ही जानता है। उसने यह भी बताया कि जुहेब पर गोलियां बरसाने वाले दोनों शूटरों के चेहरे पर कपड़ा बंधा था।

ऐसे किया पुलिस ने खुलासा
हत्याकांड की जांच करने में सीओ सिविल लाइन रितेश कुमार, सीओ विकास जायसवाल, कार्यवाहक थानाध्यक्ष नौचंदी मोहन सिंह और उनकी टीम लगी थी। पुलिस ने सर्विलांस से जुहेब के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई, जिसे वारदात के दौरान शूटर लूट ले गए थे। पब्लिशर की पत्नी से पहले ही दिन पूछताछ की, जिसमें कुछ शक हुआ। सीडीआर में नोएडा की युवती और तीन महिलाओं के नंबर संदिग्ध मिले। नोएडा की युवती और तीनों महिलाओं से अलग-अलग पूछताछ हुई। इसमें वारदात की कड़ियां पब्लिशर के घर से जुड़ती गईं। पुलिस ने पब्लिशर, उसके बेटे और ड्राइवर असब को बुलाकर पूछताछ की। इस बीच, पुलिस ने पब्लिशर की पत्नी समेत चारों महिलाओं के मोबाइल की सीडीआर निकाली। पुलिस ने सीडीआर और सीसीटीवी कैमरे की बात पब्लिशर के परिवार को बताई तो मामला खुलकर सामने आ गया।
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