शीशपाल और संतोष की दिनदहाड़े हत्या से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीन साल पहले पति खोने वाली सीमा का सास-ससुर से भी साथ छूट गया। पोता-पोती रोते हुए बोले कि अब हमारी परवरिश कैसे होगी। परिवार में कोहराम मचा है तो गांव में मातम छाया हुआ है। ग्रामीणों ने पुलिस के प्रति आक्रोश जताते हुए बाजार बंद रखा।
तीन साल पहले शीशपाल का परिवार खुशी से जीवन काट रहा था। शीशपाल खेतीबाड़ी करता था तो उसका इकलौता बेटे कपिल मोदी शहर में मेट्रो प्लाजा में शेयर ब्रोकर का ऑफिस चलाता था। तीन साल पहले अचानक कपिल को ब्रेन हेमरेज हुआ और उसकी मौत हो गई। कपिल के परिवार में पत्नी सीमा के अलावा नौ साल का बेटा मानव उर्फ मानू और छह साल की बेटी सीमोन हैं।
बेटे की मौत के बाद परिवार पर संकट पैदा हुआ। लेकिन शीशपाल और संतोष ने परिवार को टूटने नहीं दिया। कलेजे पर पत्थर रखकर अपनी पुत्रवधू और पोता-पोती की परवरिश में जुट गए। परिवार इस दु:ख से कुछ बाहर निकला ही था कि बृहस्पतिवार को फिर इस परिवार पर कहर टूट गया। कुख्यात मोनू जाट ने रंगदारी न देने पर असहाय दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी। चर्चा यह भी है कि कुख्यात मोनू के चचेरे भाई ने कपिल के शेयर ब्रोकर में दस लाख रुपये लगाए थे, जिसको मोनू मांगता था। दंपति कहता था कि कपिल के साथ उसके पैसे भी चले गए।
सीमा के सामने बड़ी चुनौती
पहले पति और अब सास ससुर की मौत के बाद मासूम बच्चों की परवरिश करना सीमा के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। उसका रो रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग सीमा को ढांढस बंधाने में लगे हैं। लेकिन वह कभी पति तो कभी सास-ससुरा को याद कर बेहोश हो जाती है। रोती हुई कहती कि अब वह किसके सहारे जिंदगी कटेगी। कौन देखेगा उसके मासूम बच्चों को।
मम्मी! हमें कौन ले जाएगा स्कूल
मानव कक्षा तीन और सीमोन कक्षा एक में पढ़ती है। रोजाना उनकी दादी संतोष ही स्कूल लेकर जाती और वही उन्हें लेकर आती थी। दादा शीशपाल भी बच्चों को बहुत प्यार करते थे। दादा-दादी की मौत का पता चला तो दोनों बच्चे अपनी मम्मी से पूछ रहे हैं कि अब कौन उनको स्कूल लेकर जाएगा। यह सुनकर मां सीमा ही नहीं, बल्कि परिवार के अन्य लोग भी आंसू नहीं रोक पाए। इन मासूम और बेबस बच्चों को कोई जवाब नहीं दे पाया।
पहले पति और फिर पत्नी को मारा
पुलिस के मुताबिक चश्मदीद कंवरपाल सिंह ने बताया कि उसका भाई शीशपाल बुग्गी पर बैठा था। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। शीशपाल की पत्नी संतोष चारा काट रही थी। मोनू व उसके साथियों ने पहले शीशपाल फिर संतोष को गोली मारी। गोलियां बरसाने के बाद देखा भी कि कहीं दंपति जिंदा तो नहीं बच गया। शीशपाल की सांस चलती देख मोनू ने उसके सिर से सटाकर एक ओर गोली मारी। संतोष के सिर पर भी गोली लगी है।
दोहरे हत्याकांड के बाद बाजार बंद
शीशपाल और संतोष की हत्या की खबर फैली तो गांव का बाजार बंद होता चला गया। बदमाशों की दहशत के चलते देखते ही देखते कुछ ही समय में बाजार में सन्नाटा पसर गया और गांव की गलियां सुनसान हो गईं।
चार लोगों को पहले मार चुका मोनू
मोनू और भरतू नाई का रोहटा इलाके में गैंग बना हुआ है। भरतू नाई फिलहाल जेल में है। मोनू लोगों से रंगदारी मांगता है। विरोध करने पर हत्या कर देता है। दंपति के अलावा पहले भी रंगदारी न देने पर मोनू चार लोगों की हत्या कर चुका है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस गंभीर नहीं है। पुलिस जानकारी के बावजूद भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।