परतापुर थाने में दरोगा से हाथापाई करने वाला युवक।
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नशे में धुत दो युवकों ने रविवार रात आई-20 कार परतापुर थाने में घुसा दी। इस दौरान एक दरोगा कार की चपेट में आने से बाल-बाल बचा। इससे पहले पुलिस कुछ समझ पाती, आरोपी दारोगा से हाथापाई और गालीगलौज करते हुए कार लेकर भाग निकले। बाद में एसओ ने घेराबंदी करते हुए व्यापारी के बेटे समेत दोनों को पकड़ लिया और पिटाई कर हवालात में बंद कर दिया।
नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर निवासी संदीप और मोनू रविवार रात आई-20 कार से परतापुर थाने में घुस आए और कार को कई बार आगे पीछे करने लगे। इस दौरान एक दरोगा ने किसी तरह पेड़ का सहारा लेकर जान बचाई। पुलिस ने दोनों को पकड़ने की कोशिश की तो दोनों युवकों ने पुलिस से हाथापाई करते हुए फिर से कार दौड़ा दी। थाने के बाहर शताब्दीनगर निवासी बाइक सवार राकेश कार की टक्कर से घायल हो गया। कंट्रोल रूम पर सूचना फ्लैश होने पर चेकिंग कर रहे परतापुर एसओ रण सिंह मौके पर पहुंचे और दिल्ली रोड पर कार की घेराबंदी की।
बाद में दोनों युवक एसओ से उलझ गये। पुलिस ने दोनों की जमकर पिटाई की और जीप में डालकर थाने भेज दिया। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया और दोनों को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल ले गई। एसओ परतापुर का कहना है कि मेडिकल परीक्षण में दोनों युवकों द्वारा शराब के सेवन की पुष्टि हुई है। दोनों को शांतिभंग में कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया।
एसओ ने नहीं मानी सिफारिश:
संदीप ने पहले अपने को एक केंद्रीय मंत्री का रिश्तेदार बताया तो पुलिस ने पीछे कदम खींच लिये। बाद में पता चला कि संदीप के पिता शास्त्रीनगर के व्यापारी हैं। बाद में एक भाजपा नेता ने पुलिस अफसरों को फोन करते हुए दोनों को छुड़वाने के लिए कहा। लेकिन जब तक पुलिस ने दोनों को शांतिभंग में कार्रवाई कर दी। पुलिस ने कहा कि शांतिभंग में थाने से भी जमानत नहीं दी जा सकती। वहीं, संदीप और मोनू ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें बेरहमी से पीटा गया है। वह तो थाने में दोस्त से मिलने आये थे।