रघुकुल विहार में शुक्रवार सुबह व्यापारी और उसके परिवार के चार सदस्यों ने एक साथ मौत को गले लगा लिया। व्यापारी ने जहर खाकर जान दी। जबकि उसकी पत्नी, पुत्र, पुत्रवधू और पोते ने हाथ की नस काटी, फिर फांसी पर झूल गए। सुबह-सुबह एक ही परिवार के पांच सदस्यों की आत्महत्या की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। मकान में एक साथ फांसी के फंदे से झूलती चार लाशें और कमरे में पड़ा व्यापारी का शव देख लोगों की रूह कांप उठी। मौके से मिले सुसाइड नोट में आत्महत्या का कारण कर्ज में डूबना बताया गया है। कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे आईजी जोन और एसएसपी ने घटनास्थल पर जांच-पड़ताल की।
75 वर्षीय मोहन अरोड़ा टीपी नगर थाने के पीछे स्थित रघुकुल विहार गली नंबर-1 के मकान नं. 28 में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी कृष्णा (70 वर्ष), बेटा विनीत अरोड़ा (42 वर्ष), पुत्रवधू पूजा (38 वर्ष) के अलावा 16 वर्षीय पोता अभिषेक था। विनीत की टीपी नगर में स्पेयर पार्ट्स की दुकान है। इसके साथ-साथ विनीत एयर फिल्टर के भी डिस्ट्रीब्यूटर थे। वह मेरठ समेत मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और अन्य जिलों में इसकी सप्लाई करते थे। शुक्रवार सुबह आठ बजे विनीत का ड्राइवर प्रमोद एयर फिल्टर लेने के लिए रोजाना की तरह उनके घर पहुंचा। दरवाजे पर कई बार घंटी बजाई, लेकिन कोई गेट पर नहीं आया। प्रमोद को बार-बार घंटी बजाते देखकर पड़ोसी अनुज भी वहां पहुंचे।
काफी देर तक जब गेट नहीं खुला तो अनुज ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। इस पर टीपी नगर थाने की फैंटम पहुंची और दरवाजा तोड़कर मकान में घुसी। अंदर का नजारा भयावह था। मोहन अरोड़ा का शव बेड पर पड़ा था। पुलिस और अंदर गई तो पीछे लॉबी में छत के जाल पर रस्सी से विनीत, पूजा, अभिषेक और कृष्णा की लाश लटकी हुई थी। चारों के हाथों ने खून बह रहा था। यह मंजर देखते ही दोनों सिपाही, पड़ोसी और ड्राइवर तत्काल बाहर आ गए। सिपाहियों ने एसओ टीपी नगर को जानकारी दी। इस पर एसओ भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
मकान में मिला सुसाइड नोट
मकान से कंप्यूटर पर टाइप हुआ एक सुसाइड नोट मिला है। अंग्रेजी में लिखे इस सुसाइड नोट में विनीत ने अपने परिवार के बारे में और कारोबार में घाटे का जिक्र किया है। उन्होंने बैंक समेत कई लोगों से पैसा लेना बताया है और खुद को ही अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है।
हत्या के पहलुओं की भी जांच
पुलिस ने बताया कि मामला सुसाइड का है। लेकिन, हत्या के बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कुछ बिंदु संदेह उत्पन्न कर रहे हैं। जैसे मोहन ने जहर का सेवन किया, जबकि परिवार के अन्य लोगों ने पहले नस काटी, फिर फांसी लगाकर जान दे दी। पूरा परिवार एक साथ इतना बड़ा आत्मघाती कदम कैसे उठा लेगा? परिवार ने पहले कभी किसी से कर्ज की परेशानी भी नहीं बताई।