पुलिस कस्टडी से फरार कुख्यात बदन सिंह बद्दो पर एक लाख का इनाम हो गया है। फरारी में शामिल बद्दो के बेटे और होटल मालिक सहित 17 लोगों को पुलिस ने मुल्जिम बनाया है। बद्दो और उसके गुर्गों की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की दो यूनिट लगाई गई हैं। मामले में शुक्रवार को फर्रुखाबाद के छह पुलिसकर्मियों समेत नौ लोगों को कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें जमानत मिल गई।
दिल्ली रोड स्थित होटल मुकुट महल में फर्रुखाबाद के छह पुलिसकर्मियों को शराब पिलाकर कस्टडी से भागे बदन सिंह बद्दो का दूसरे दिन शुक्रवार को भी सुराग नहीं लगा। आईजी मेरठ रेंज ने बद्दो पर 50 हजार का इनाम कर दिया है। पुलिस, क्राइम ब्रांच, मेरठ और नोएडा एसटीएफ की टीम बद्दो की तलाश में पंजाब और दिल्ली सहित कई राज्यों में दबिश देने में लगी है। बद्दो के गुर्गों की तलाश में मेरठ में भी कई जगह दबिश दी गई। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दिल्ली रोड पर लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक करने के बाद पुलिस का दावा है कि बद्दो दिल्ली की ओर जाने वाले रास्ते से भागा है।
काले रंग की कार में भागा बद्दो
पुलिस का दावा कि बद्दो को उसके गुर्गे काली रंग की एक लग्जरी गाड़ी में लेकर गए हैं। जो कि एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस गाड़ी का नंबर पता लगाने में जुटी है। पुलिस के अनुसार, अधिक रफ्तार होने के कारण कार के मॉडल का पता नहीं लग पाया है।
बेटा समेत 17 लोग नामजद
ब्रह्मपुरी थाने में तैनात इंस्पेक्टर (अपराध) जितेंद्र सक्सेना ने बदन सिंह बद्दो के बेटे सिकंदर सहित 17 नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ ब्रह्मपुरी थाने में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें होटल मुकुट महल के मालिक मुकेश गुप्ता, ट्रांसपोर्टर डिपिन सूरी, एहतेशाम इलाही (सपा कार्यकर्ता) निवासी गुदरी बाजार कोतवाली, जवाहरलाल निवासी पंजाबीपुरी टीपीनगर, शिशुपाल उर्फ बंटी निवासी लोहचा, जलेसर एटा, सोनू सहगल, पपीत बढ़ला, लल्लू मक्कड़, अनिल छाबड़ा उर्फ जिम्मी व बदन सिंह बद्दो नामजद मुल्जिम हैं।
छह पुलिसकर्मी समेत नौ लोग कोर्ट में पेश
बद्दो को गाजियाबाद पेशी कराने आए फर्रुखाबाद जिले के दरोगा देशराज त्यागी, सिपाही संतोष कुमार, सुनील कुमार, राजकुमार, ओमवीर, भूपेंद्र और बद्दो के साथी एहतेशाम इलाही, जवाहर लाल व शिशुपाल उर्फ बंटी को स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में ब्रह्मपुरी पुलिस ने पेश किया। जहां से सभी नौ लोगों को जमानत मिल गई। बताया गया कि आरोपियों पर धारा 221, 224 व 120 बी आईपीसी के तहत केस दर्ज हुआ था। इन धाराओं में सात साल से कम की सजा है। सुप्रीमकोर्ट के नियमानुसार उसको जमानत मिली है। कोर्ट ने उनको जमानती दाखिल करने को कहा है, तभी वह रिहा होंगे।
वो ही कैमरे बंद मिले, जहां बद्दो था
बद्दो की फरारी में मुकुट महल की भूमिका सबसे ज्यादा बताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि होटल में वो कैमरे बंद मिले, जहां पर बद्दो रुका था। किसी भी कैमरे में बद्दो और उसके गुर्गे कैद नहीं हुए। पुलिस का कहना है कि कैमरे जानबूझकर बंद किए गए। हालांकि पुलिस मौके से डीवीआर ले गई थी। बस एक कैमरे में बद्दो और उसके साथियों का पीछे से जाते हुए फुटेज मिला। आरोपी पपीत के भी साथ होने का पुलिस दावा कर रही है। पुलिस ने होटल मालिक की तलाश में दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा।
पेरोल न मिलने पर बनाया प्लान
रविंद्र हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे बदन सिंह बद्दो ने जेल से बाहर आने के लिए दो बार कोर्ट से पेरोल मांगी, लेकिन वह खारिज हो गई। उसके बाद बद्दो ने जेल से भागने की प्लानिंग की। उसने यह भी प्लान किया कि भागने के बाद उसका कहां ठिकाना रहेगा। पुलिस से बेटे को बचाने के पूरे इंतजाम करने के बाद उसने यह कदम उठाया।
पुलिस का कहना कि बद्दो पेरोल पर आकर गायब होना चाहता था। पीड़ित परिवार भी कानूनी लड़ाई लड़ता रहा। इसके चलते उसे पेरोल नहीं मिली। उसके बाद बद्दो ने अपनी करोड़ों की संपत्ति समेटना शुरू किया। दो साल से बद्दो फरारी के बाद का इंतजाम करने में लगा था। उसने अपनी गाड़ी तक बेच दी थी। करीब छह माह से बद्दो पुलिस कस्टडी से भागने की तैयारी में लगा था। वह मौके की तलाश में था। फर्रुखाबाद पुलिस को उसने मैनेज कर लिया था।
जैसा चाहा, वैसा ही किया
बद्दो ने पुलिसकर्मियों को अपने तरीके से इस्तेमाल किया। फरार होने के बाद पुलिस को जल्दी पता न चले, यह भी प्लान कर रखा था। करीब पांच घंटे बाद पुलिस को उसको भगाने वाले पुलिसकर्मियों ने सूचना दी। तब तक वह काफी दूर निकल गया होगा। यह सब बद्दो की सोची समझी प्लानिंग थी।
कई रसूखदार करते हैं मदद
बद्दो की मदद मेरठ के कई रसूखदार लोग करते हैं। उसकी जान पहचान वाले रसूखदार जेल से लेकर उसके बेटे तक का खर्चा उठाते हैं। बद्दो की खुद की संपत्ति भी काफी बताई जा रही है। पुलिस बद्दो के परिचित रसूखदारों का गुपचुप तरीके से पता लगा रही है।
संपत्ति का ब्यौरा मांगा
लखनऊ में बैठे पुलिस अफसरों ने बद्दो की संपत्ति का ब्यौरा मेरठ पुलिस से मांगा है। पुलिस का कहना है कि बद्दो बेहद शातिर अपराधी है। उसने संपत्ति कई लोगों के नाम की हुई है। इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के मुताबिक बद्दो इंटरनेट कालिंग से अपने गुर्गों से बातचीत करता था। वह अक्सर अपने परिचितों से बातचीत करता था।
पुलिस के लिए चुनौती, बद्दो की तलाश
बदन सिंह बद्दो को तलाशना पुलिस के लिए चुनौती बना है। 36 घंटे बीत चुके हैं, पुलिस की 11 टीमें उसको ढूंढ रही हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। पुलिस का दावा कि बद्दो और उसके साथियों ने मोबाइल से दूरी बना रखी है। बद्दो बुधवार से सपा कार्यकर्ता एहतेशाम इलाही का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा था। एहतेशाम को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया था। उसका मोबाइल भी बरामद किया था। मोबाइल से पुलिस को ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली, जिससे बद्दो की प्लानिंग का पता चल सके। दूसरी ओर वह सभी पीड़ित परिवार डरे हुए हैं, जिनको बद्दो से जान का खतरा है। एसएसपी नितिन तिवारी का कहना कि पुलिस की 11 टीमें बद्दो की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं।
पुलिस का खेल, आरोपियों को मिली बेल
कुख्यात बद्दो के फरार होने के मामले में मेरठ पुलिस ने खेल किया। इसके चलते भगाने वाले पुलिसकर्मियों को बेल मिल गई। सीनियर अधिवक्ता अमित दीक्षित का कहना है कि बद्दो को आजीवन कारावास की सजा हुई है। सजा होने वाले मुल्जिम को भगाने के मामले में पुलिस ने जमानत मिलने वाली धारा (221, 224, 120 बी) लगाई है। जबकि इस मामले में पुलिस को धारा 216 और 222 लगानी चाहिए थी, जो कि गैर जमानती है। पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपियों की जमानत हुई है। बता दें कि पुलिसकर्मियों समेत नौ लोगों को स्पेशल सीजेएम रामलाल की कोर्ट में पेश किया गया था। आरोपी जवाहर लाल उर्फ पिंकू, एहतेशाम इलाही और शिशुपाल की जमानत अर्जी सीनियर अधिवक्ता संजीव कुमार ने लगाई। कोर्ट ने सभी को जमानत दे दी। दो-दो जमानती प्रस्तुत करने का आदेश दिया। आरोपी जवाहरलाल उर्फ पिंकू जमानती पेश कर पाया, जिसके बाद वह रिहा हुआ। अन्य आठ आरोपियों को जमानती न मिलने के चलते कोर्ट ने जेल भेजा।
होटल से बद्दो को ले गए पंजाब के बदमाश
होटल मुकुट महल से कुख्यात बदन सिंह बद्दो को ले जाने वाले लोकल लोगों के साथ पंजाब के बदमाश थे। उन्हीं की लग्जरी गाड़ी में बैठकर बद्दो दिल्ली की ओर फरार हुआ। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक संदिग्ध गाड़ी कैद हुई है। उसकी जांच में पुलिस जुटी है। इस संबंध में मेरठ पुलिस ने पंजाब पुलिस से भी संपर्क साधा है।
बदन सिंह बद्दो के साथ फर्रुखाबाद से मेरठ का सपा कार्यकर्ता एहतेशाम इलाही, जवाहर लाल और शिशुपाल के अलावा दूसरी गाड़ी में पंजाब के बदमाश साथ-साथ थे। बद्दो ने मुरादाबाद में हवेली होटल से भी भागने का प्रयास किया था, लेकिन कामयाब नहीं हो पाया। उसके बाद बद्दो ने पंजाब के बदमाशों से कहा कि मैं फर्रुखाबाद के पुलिसकर्मियों को लेकर मेरठ मुकुट महल होटल आ जाऊंगा। इसके बाद पंजाब के बदमाशों ने मेरठ में अपनी फील्डिंग जमाई। बृहस्पतिवार सुबह ही बदमाश मेरठ में होटल मुकुट महल पहुंच गए। वह लगातार फोन पर एक दूसरे के संपर्क में रहे। बद्दो ने कहा कि मैं होटल से अकेला आऊंगा। बद्दो ने ऐसा ही किया। होटल के अंदर से आकर पंजाब के बदमाशों की गाड़ी में बैठा। जहां से बदमाश उसको लेकर फरार हुए।
फुटेज खंगाल रही पुलिस
बदमाशों के साथ बद्दो कहां तक रहा, इसकी जांच पुलिस ने शुरू की है। बद्दो अपने गुर्गों के साथ है या फिर विदेश भाग गया, इसकी पड़ताल भी पुलिस कर रही है। होटल के कैमरे की फुटेज भी पुलिस देख रही है, ताकि किसी बदमाश की पहचान हो सके।
रूट पर पुलिस का फोकस
पुलिस ने बताया कि बद्दो दिल्ली रोड से गया है। आगे जाकर उसने कौन सा रूट पकड़ा, इसकी जांच करने में एसटीएफ लगी है। कई जगहों के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी। पुलिस का कहना है कि उनको देखना है कि बद्दो को बदमाश कहां तक लेकर गए हैं।
बदन सिंह बद्दो की तलाश में दबिश जारी है। पुलिस ने पांच टीमें बनाई हैं। क्राइम ब्रांच, एसटीएफ भी बद्दो की तलाश में लगी है। दिल्ली, पंजाब समेत कई राज्यों में पुलिस टीम गई है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर लुकआउट जारी हो चुका है। -नितिन तिवारी, एसएसपी