हापुड़ के बहादुरगढ़ क्षेत्र के पसवाड़ा गांव में बम विस्फोट में घायल सलमान से पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। मौके से मिले सामान से स्पष्ट है कि सलमान सिलेंडर बम बना रहा था। इस दौरान लगभग छह से सात लोग वहां मौजूद थे। निसार नाम का शख्स घायल सलमान को मेरठ लेकर आया था। निसार को ही इस गैंग का सरगना बताया जा रहा है। पुलिस जानकारियों को पुष्ट करने में जुटी है।
एसएसपी जे रविंद्र गौड़ सहित कई पुलिस अफसरों ने मेडिकल पहुंचकर उससे पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि सलमान मकान की छत पर सिलेंडर बम बना रहा था। सलमान के गैंग का सरगना निसार नाम का व्यक्ति है। उसके संपर्क में रहकर ही सलमान काम करता है। उनकी प्लानिंग दंगों को अंजाम देने की थी। निसार ही तमाम व्यवस्थाएं और सुविधा सलमान को देता था। निसार ही सलमान को मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराने बाइक से लेकर आया था। लेकिन निसार कौन है और कहां रहता है इसके बारे में कुछ स्पष्ट नहीं हो सका। अफसरों को लग रहा है कि सलमान शातिर दिमाग का है। वह बात को घुमा फिरा रहा है। यह भी पता चला है कि सलमान के पांच भाई और एक बहन हैं। जिनमें से दो भाई दिल्ली में रहते हैं, जबकि बाकी भाई बहन गांव में ही रहते हैं। उसके पिता की मौत हो चुकी है। जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसके परिवार के सदस्यों के बारे में सुराग जुटाने शुरू कर दिए हैं। मेरठ पुलिस प्रशासन इस मामले को लेकर हापुड़ पुलिस के लगातार संपर्क में है। आईजी घटनास्थल से मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि इस घटना का आतंकी कनेक्शन हो सकता है। सलमान किसी आतंकी संगठन से भी जुड़ा हो सकता है। इस बात की आशंका भी है कि इस विस्फोट में कुछ और लोग घायल हुए हैं ।
विस्फोट के वक्त कई लोग थे
मेरठ। पूछताछ में ये बात भी सामने आई है कि विस्फोट के समय कई और लोग भी थे। सभी आरोपी विस्फोट के बाद ही मौके से भाग गए। इनके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। सूत्रों के अनुसार हापुड़ और आसपास के जिलों में अस्पतालों को भी चैक कराया जा रहा है।
गुमराह करता रहा
पुलिस पूछताछ में सलमान पुलिस को अलग-अलग जानकारी देकर गुमराह करता रहा। कभी उसने बताया कि वह तो टेपों चलता है। कभी उसने गन्ने छीलने की बात कही। एक अधिकारी को उसने मजदूरी करने की बात कही है।