फुरकान के अपहरण का घटनाक्रम सुनकर पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। क्योंकि नईम गाजी का अपहरण भी इसी तरह से हुआ था। यह मामला भी दो समुदाय से जुड़ा है। पीड़ित परिवार को अंदेशा है कि फुरकान के साथ अनहोनी की वारदात हो सकती है। ऐसे में पुलिस ने लिसाड़ीगेट और लिसाड़ी गांव में फोर्स तैनात कर दी है। मामला दो समुदाय से जुड़ा है और विधानसभा चुनाव करीब हैं। फुरकान के साथ कोई अनहोनी हो गई तो बड़ी घटना हो सकती है। भगतसिंह मार्केट के प्रधान नईम गाजी हत्याकांड को लेकर अभी तक लोगों में आक्रोश है। नईम गाजी की हत्या भी प्रॉपर्टी को लेकर हुई और फुरकान के अपहरण के पीछे भी प्रॉपर्टी का विवाद सामने आ रहा है। फुरकान की तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगी हैं। पुलिस सतवीर से बार बार पूछ रही कि अगर कोई वारदात की है तो बता दे। पुलिस का मानना कि नईम व फुरकान का क्राइम सीन लगभग एक ही जैसा है।
नेताओं का भी लगा तांता
नईम गाजी की हत्या के बाद परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे कई नेताओं को लोगों ने खदेड़ दिया था। इसको देखते फुरकान के अपहरण की जानकारी लगते ही सपा और बसपा के कई नेता अपने अपने कार्यकर्ताओं के साथ पीड़ित परिवार के पास पहुंचे। नेताओं ने आश्वासन दिया कि वह उनके साथ हैं। सपा से आदिल चौधरी, रफीक अंसारी, बसपा से कुंवर दिलशाद समेत कई नेता पहुंचे थे।
आरिफ जौला जैसी भी चर्चा
पुलिस का कहना है कि फुरकान के अपहरण का मामला बसपा नेता आरिफ जौला जैसा भी हो सकता है। कई दिनों बाद आरिफ जौला खुद ही लौट आए थे। हालांकि लोगों में चर्चा है कि अगर ऐसा हुआ तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस फुरकान के पांच साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
सीसीटीवी कैमरे खंगाले
लिसाड़ी में फुरकान की बाइक कैसे पहुंची, इसकी जांच के लिए पुलिस ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। पुलिस के मुताबिक सतवीर ने बताया कि उसने फुरकान को कॉल नहीं की। जबकि नाहिदा का कहना है कि सतवीर ने फोन करके फुरकान को बुलाया। पुलिस सर्विलांस के जरिये भी फुरकान की लोकेशन और सतवीर का सच जाने में लगी है।