स्क्रैप कारोबारी हाजी इरफान कुरैशी के बेटे अरसम के अपहरण का बृहस्पतिवार को पुलिस ने औपचारिक खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार दिखाया है। नोएडा जेल में अरसम के अपहरण की पटकथा लिखी गई। मुख्य आरोपी रिटायर्ड पीएसी कमांडर का बेटा सोहनवीर है। सोहनवीर जैबलिंग थ्रो का नेशनल खिलाड़ी है। एक आरोपी की गर्लफ्रैंड को अपहरण का मोहरा बनाया गया था। उसी के माध्यम से अरसम का अपहरण किया गया। पुलिस ने आरोपियों से एक कार और पिस्टल बरामद की है।
सोहनवीर के लिए अपहरण तो है खेल
एसपी क्राइम शिवराम यादव ने बताया कि अपहरण का मुख्य आरोपी सोहनवीर चौधरी उर्फ सैंडी रिटायर्ड पीएसी कमांडर जगबीर सिंह (निवासी लखावटी, बुलंदशहर) का बेटा है। सोहनवीर पर मेरठ-एनसीआर और दिल्ली में कई कारोबारियों के बेटों को अगवा करने का आरोप है। डेढ़ महीने पहले सोहनवीर की मुलाकात गुदड़ी बाजार निवारी जावेद कुरैशी से हुई थी। जावेद संभल के रहने वाले अपने दोस्त से मुलाकात करने नोएडा जेल में गया था। एक अपहरण के मामले में सोहनवीर वहां बंद था। जेल में मुलाकात के दौरान जावेद और सोहनवीर ने कारोबारी के बेटे को अगवा कर फिरौती का पैसा लेने का प्लान बनाया। सोहनवीर ने जावेद का नंबर ले लिया।
जेल से छूटते ही मेरठ आया सोहनवीर
नोएडा जेल से अपहरण के मामले में छूटने के बाद सोहनवीर जावेद कुरैशी से मिलने मेरठ आया था। जावेद ने हाजी इरफान के बेटे अरसम के बारे में बताया। तीन दिन बाद सोहनवीर अपने चचेरे भाई प्रताप, दोस्त उदयवीर को लेकर जावेद के घर आया। जहां पर जावेद ने शहबाज, नवेद गाजी, शहजाद व आस मोहम्मद को बुलाया। आरोपियों की बैठकर मीटिंग हुई।
हनीट्रैप के बाद अपहरण
अरसम घर से कैसे बुलाया जाएगा, इसे लेकर आरोपी असमंजस की स्थिति में थे। तभी आरोपी नावेद गाजी बोला कि उसकी टेंशन छोड़ दो। अरसम को मेरी गर्लफ्रेंड फंसा लेगी। आस मोहम्मद ने अरसम का मोबाइल नंबर नावेद को दिया। नावेद ने दिल्ली की रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से अरसम को फोन कराया। प्लानिंग के मुताबिक अरसम को युवती ने प्रेम जाल में फंसा लिया।
कल आती हूं, आबूलेन पर मिलना
22 जून को युवती ने अरसम से आबूलेन पर मिलने को कहा। अरसम भी युवती से मिलने के लिए बेताब हो रहा था। अरसम और युवती ने रातभर फोन पर चेट भी की। युवती की कॉल से पहले अरसम ने उसको कॉल की और कहां कि कब आओगी। युवती ने दोपहर को आने की बात कहकर अरसम को आबूलेन पर बुलाया। तीन कॉल की, कभी गांधी बाग पर तो कभी हनुमान मंदिर के पास होना बताती रही। अरसम युवती की इंतजार में आबूलेन पर बार बार चक्कर काट रहा था। आबूलेन स्थित काका बेकरी के पास आई-10 कार में सवार सोहनवीर, प्रताप, शहबाज, उदयवीर पहुंचे और अरसम के पास पहुंचे। बोले कि पाश इलाके में लड़की को छेड़ता है। जबरन अरसम को कार में बैठाया और थाने चलने की बात कही। अरसम कुछ समझ पाता कि बदमाश उसको बांधकर नोएडा की तरफ चल दिए।
पैसा लिया और छोड़ दिया
बदमाशों ने एक कॉल अरसम से उसके भाई सुहेब को कराई। जिसमें अरसम ने अपहरण की बात कही और फिरौती का पैसा बदमाशों को पहुंचाने को कहा। बदमाशों ने अरसम को नोएडा के चिपियाना स्थित एक फ्लैट में बंद कर दिया। दो बदमाश फ्लैट पर लगाए, बाकी हरिद्वार निकल गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बदमाशों पर पैसा पहुंचते जावेद ने सोहनवीर को कॉल की और अरसम को छोड़ने की बात कही। आरोपी उदयवीर बाइक से अरसम को मोहननगर लेकर आया और पैसा देकर मेरठ जाने वाली रोडवेज बस में बैठा दिया। अरसम ने टिकट लिया और मेरठ भैसाली बस अड्डे पर उतरकर अपने घर पहुंचा। हालांकि पुलिस फिरौती का पैसा जाने से इंकार कर रही है। बदमाश गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, नोएडा, हरिद्वार और हरियाणा से फिरौती के लिए बार बार कॉल कर रहे थे। लोकेशन का पता लगाने के लिए पुलिस भटकती रही।
यह पकड़े गए बदमाश
1. सोहनवीर चौधरी उर्फ सैंडी पुत्र जगवीर सिंह निवासी लखावटी बुलंदशहर (हाल पता नेहरूनगर, नौचंदी मेरठ)
2. शहबाज अंसारी पुत्र फैय्याज निवासी गली नंबर-5 एक मिनारा मस्जिद लिसाड़ीगेट
3. नावेद गाजी पुत्र जमालूउद्दीन निवासी गुदड़ी बाजार, कोतवाली
4. शहजाद सैफी पुत्र शहीद अहमद निवासी ईदगाह कॉलोनी लिसाड़ीगेट
5. आस मोहम्मद कुरैशी उर्फ पप्पू बकरा पुत्र शब्बीर अहमद निवासी पूर्वा अहमद अली जली कोठी देहली गेट
फरार आरोपी
1. जावेद कुरैशी पुत्र सलीम निवासी गुदड़ी बाजार कोतवाली
2. उदयवीर उर्फ मोनू उर्फ चाचा पुत्र मलखान सिंह निवासी पसौली औरंगाबाद बुलंदशहर
3. प्रताप चौधरी पुत्र रामबीर सिंह निवासी लखावटी औरंगाबाद बुलंदशहर