सहारनपुर में गंगोह के ग्राम कुतुबपुर खेड़ी में 16 वर्ष पूर्व ट्रांसफार्मर से विद्युत केबल जोड़ने को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत के मामले में कोर्ट ने दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों को दोषी पाया। कोर्ट ने तीनों लोगों को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है, जबकि एक आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।
गंगोह के ग्राम कुतुबपुर खेड़ी में 15 मई 2003 को गांव का यशपाल अपने क्षेत्र का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण दूसरे ट्रांसफार्मर पर बिजली का केबल जोड़ रहा था। गांव के ही सोमनाथ ने उसका विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता मेघराज सैनी ने बताया कि सोमनाथ और उसके साथियों प्रमोद, धीरसिंह एवं जसवीर ने लाठी डंडों से यशपाल के साथ मारपीट की जिससे यशपाल के सिर में गंभीर चोट आई। यशपाल के तहेरे भाई करतार सिंह ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पहले तो मामला मारपीट का दर्ज किया, लेकिन बाद में यशपाल की मौत हो गई जिस पर मामला गैर इरादतन हत्या में तरमीम हो गया।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या आठ) विजय कुमार डुंगरकोटी की अदालत में हुई। सहायक शासकीय अधिवक्ता मेघराज सैनी ने बताया कि मामले की सुनवाई के बाद साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर अदालत ने प्रमोद और दो सगे भाई धीर सिंह एवं जसवीर को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। कोर्ट ने तीनों को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। तीनों को दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है, जबकि चौथे आरोपी सोमनाथ की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी।
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