समसपुर गांव में गोविंद ने एक माह पहले ही एलान कर दिया था कि वह अपनी बहन के प्रेमी नीरज से दोस्ती निभाने वाले रविंद्र को छोड़ेगा नहीं। पुलिस तक भी उसकी यह धमकी पहुंची थी, लेकिन उसने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया। नतीजा रविवार शाम रविंद्र का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। हत्या के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने तीन घंटे तक महलका-समसपुर मार्ग जाम कर हंगामा काटा। पुलिस को खरीखोटी सुनाई। उधर, पुलिस ने कह दिया कि हमसे कोई शिकायत नहीं की गई थी।
बहन के अपहरण के प्रकरण में गोविंद को शक था कि आरोपी नीरज का साथ गांव के ही रविंद्र ने दिया था। बरामदगी के बाद जब बहन ने कोर्ट में बयान दिए तो यह शक यकीन में बदल गया। उसके बाद से बहन और नीरज गांव नहीं लौटे। बताया गया कि दोनों नोएडा में रहने लगे। इस बीच गोविंद ने कई बार रविंद्र को धमकी भी दी थी, जिसको लेकर उसने खतरा भी जताया था। परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
दोस्त छोड़कर भाग गया
रविवार शाम रविंद्र अपने दोस्त आशू के साथ घर लौट रहा था। अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे गोविंद ने जब रविंद्र पर चाकू से हमला बोला तो आशू उसे वहीं छोड़कर भाग खड़ा हुआ। गोविंद रविंद्र के गर्दन और सीने पर तब तक चाकू से ताबड़तोड़ वार करता रहा, जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। अब पुलिस भी कह रही है कि नीरज से दोस्ती निभाने में रविंद्र की जान चली गई।
नौकरी ढूंढ रहा था रविंद्र
रविंद्र ने एमएससी की पढ़ाई की थी। पिता राजपाल गांव में खेती करते हैं। रविंद्र के दो छोटे भाई हरेंद्र और गौतम हैं। वहीं, बहन पिंकी की शादी हो चुकी है। परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल था।
बचाव में मारा रवींद्र को
खून से सना चाकू लेकर थाने पहुंचे हत्यारोपी गोविंद ने दावा किया कि रवींद्रसे उसका दिन में झगड़ा हुआ था। वह देर शाम महलका मार्ग स्थित अपने खेत पर जा रहा था। इसी दौरान रवींद्र ने अपने साथियों के साथ उसे रोककर लाठी-डंडे से हमला बोल दिया। उसने रवींद्र का छुरा छीनकर उसकी हत्या कर दी।
हमें पुलिस पर नहीं भरोसा
रविंद्र की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। जिसके बाद पुलिस मे हड़कंप मच गया। जैसे-जैसे फोर्स बढ़ती रही, मौके पर भीड़ भी बढ़ती रही। पीड़ित लोगों ने महलका चौकी के पुलिसकर्मियों पर भी संगीन आरोप लगाए। आरोप था कि चौकी पुलिस आरोपी पक्ष से मिली है और आरोपी को हमारे हवाले किया जाए। पुलिस पर उनको विश्वास नहीं है। सीओ मवाना अब्दुल कादिर ने किसी तरह परिजनों को समझाकर शांत कराया। वहीं, सपा प्रत्याशी अतुल प्रधान ने भी गांव में पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।