दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को जिंदा जलाकर मार डाला गया। मायके वालों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तहरीर पर पति समेत चार आरोपियों को दहेज हत्या में नामजद किया गया है।
पुलिस के अनुसार बुलंदशहर के अहार थाना क्षेत्र के चासी रसूलपुर निवासी पूर्व प्रधान सुरेश की छोटी बेटी दीपक (24) और बड़ी बेटी कोमल की शादी तीन साल पूर्व भावनपुर क्षेत्र के मुबारिकपुर गांव निवासी हरेंद्र और उसके बड़े भाई रवि के साथ हुई थी। हरेंद्र फौज में तैनात है। शादी के छह माह बाद से ही छोटी बेटी दीपक का पति और ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये और कार की मांग करने लगे।
शुक्र वार सुबह करीब नौ बजे विवाहिता दीपक ने अपने पिता को फोन करते हुए कहा कि ससुराल वाले उसे मारपीट कर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उसे पहले भी मारने की कोशिश की जा चुकी है। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद ही ससुरालियों ने विवाहिता पर डीजल डालकर आग लगा दी। जिससे वह चीखती हुई कमरे से बाहर की तरफ दौड़ी, लेकिन गंभीर रूप से झुलसकर बेहोश होकर गिर पड़ी। आसपास के लोगों के पहुंचने पर ससुराल वाले ही विवाहिता को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत की जानकारी पर बुलंदशहर से मायके पक्ष के लोग पहुंचे और ससुराल वालों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। एसओ भावनपुर मोहन सिंह मौके पर पहुंचे तो मायके पक्ष के लोग हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जबरन शव ले जाने लगे। बाद में पुलिस ने लोगों को समझाते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसओ का कहना है कि तहरीर के आधार पर पति हरेंद्र, जेठ रवि, ननद मोनिका और सास के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से नामजद आरोपी फरार हैं।
पापा! ये मुझे जिंदा जला देंगे
मेरठ। पूर्व प्रधान सुरेश ने पुलिस को बताया कि सुबह बेटी ने उन्हें फोन कर कहा था कि ससुराल वाले कई दिन से मारपीट कर रहे हैं। यदि दहेज न मिला तो मुझे कभी भी जिंदा जला देंगेे। सुरेश के अनुसार एक ही घर में दोनों बेटियों की शादी करने की यह सोच थी कि दोनों बेटियां खुश रहेंगी। लेकिन, बड़ी बेटी कोमल ससुराल में विवाद के चलते पहले से ही मायके में रह रही है, जबकि छोटी बेटी को जिंदा जला दिया गया। अब उन्होंने फैसला कर लिया है कि वह किसी कीमत पर कोमल को ससुराल नहीं भेजेंगे। इसके चलते ही दहेज हत्या में दोनों दामादों हरेंद्र और रवि को नामजद कराया गया है। दीपक की मौत पर उसके इकलौते भाई कुलदीप और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
नातिन को लेकर चली पंचायत
मेरठ। दीपक की एक साल की बेटी काव्या है। मां की मौत के बाद मासूम काव्या कहां रहेगी, इसको लेकर विवाद हो गया। ननिहाल पक्ष ने काव्या को साथ ले जाने की कोशिश की तो बेटी के ससुराल वालों से तनातनी हो गई। पुलिस के सामने ही ससुराल और मायके वाले भिड़ गए। ग्रामीणों के साथ पंचायत भी चली, लेकिन ससुरालियों ने बेटी को नहीं दिया।