एसओ ब्रह्मपुरी के 10 साल के बेटे ने ऐसी बोलेरो दौड़ाई कि लोगों की जान पर बन आई। रजबन पेट्रोल पंप के पास बेकाबू हुई बोलेरो की टक्कर से स्कूटर सवार दंपति, दो बच्चे और एक अन्य राहगीर घायल हो गया। मामला थानेदार के बेटे से जुड़ा देख पुलिस ने पीड़ितों को थाने से भगा दिया। पीड़ित पक्ष ने देर रात एसएसपी आवास पहुंचकर हंगामा कर दिया। तब जाकर उनकी शिकायत दर्ज हुई।
एसओ ब्रह्मपुरी यादराम यादव का परिवार कैंट स्थित रजबन बाजार पुलिस चौकी परिसर के क्वार्टर में रहता है। बुधवार शाम एसओ का नाबालिग बेटा बोलेरो गाड़ी लेकर निकला था। रजबन पेट्रोल पंप के पास बोलेरो बेकाबू हो गई। इस दौरान उसने पहले एक स्कूटर और फिर बाइक में टक्कर दे मारी। स्कूटर पर सवार एक स्कूल के सुपरवाइजर सुभाष कश्यप, पत्नी सुनीता और पुत्रियों मानवी और दिशा के साथ सड़क पर जा गिरे। एक अन्य राहगीर भी चपेट में आकर घायल हो गया।
चीख पुकार सुनकर लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने बोलेरो में तोड़फोड़ कर आगजनी का प्रयास कर दिया। इस दौरान बुलेरो में सवार एसओ का बेटा और एक युवक वहां से भाग गए। हादसे की जानकारी पर सदर बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में ले लिया। हंगामा होने पर पुलिस ने पीड़ितों को ही डांटना, फटकारना शुरू कर दिया। पीड़ित शिकायत लेकर सदर बाजार थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनको वहां से भी भगा दिया। बाद में पीड़ित परिवार आसपास के लोगों के साथ एसएसपी आवास पहुंचा। एसओ ब्रह्मपुरी व सदर बाजार पुलिस के खिलाफ हंगामा किया। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच कराने के निर्देश दिए।
किसने दी नाबालिग को परमिशन
सवाल बड़ा है। 12 साल का किशोर शहर में बोलेरो दौड़ा रहा है। उसे परमिशन पुलिस ने दी या आरटीओ ने। मामला थानेदार के बेटे से जुड़ा है इसलिए दूसरों को नसीहत देने वाली पुलिस भी बचाव में उतर आई है। हादसा नाबालिग से हुआ है, यह आरोप पीड़ित चिल्लाकर पुलिस से लगा रहा है। लेकिन पुलिस का कहना है कि गाड़ी ड्राइवर चला रहा था और किशोर उसके बराबर वाली सीट पर था।