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मेरठ से यूपी का फर्जी उप मुख्यमंत्री पकड़ा

Thu, 19 Jul 2018 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एनएच-58 स्थित मोदीपुरम चेकपोस्ट पर पल्लवपुरम पुलिस ने बुधवार शाम लाल बत्ती लगी डस्टर गाड़ी से यूपी के फर्जी उप मुख्यमंत्री को हिरासत में ले लिया। सहारनपुर निवासी इस शख्स के परिजन देर रात थाने पहुंचे और उसे मानसिक रोगी बताते हुए प्रमाण दिए। इंस्पेक्टर पल्लवपुरम के अनुसार आरोपी को परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया है। गाड़ी का एमवी एक्ट में चालान कर लाल बत्ती कब्जे में ले ली गई है।
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पुलिस के अनुसार यूके 07 बीबी 4904 (उत्तराखंड) नंबर की डस्टर गाड़ी पर लाल बत्ती लगाकर नोएडा से सहारनपुर जा रहे इस शख्स ने गाड़ी के अगले और पिछले शीशे पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार गृह एवं खनन विभाग’ लिखवा रखा था। कार पर भाजपा का झंडा भी लगा था। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सहारनपुर निवासी अनिरुद्ध कर्णवाल (45) पुत्र राजेंद्र कर्णवाल बताया। खुद को यूपी का डिप्टी सीएम बताकर पुलिस पर रौब गालिब करने का प्रयास किया। इंस्पेक्टर पल्लवपुरम दिलीप कुमार शर्मा पूछताछ के लिए आरोपी को थाने ले आए। पता चला कि गाड़ी उसका ड्राइवर चला रहा था, जो इस दौरान उसे छोड़कर फरार हो गया था।

एक गाड़ी कर रही थी पीछा
यह डस्टर गाड़ी मंगलवार को भी एनएच-58 पर घूम रही थी। बुधवार दोपहर से इस डस्टर गाड़ी का एक अन्य गाड़ी पीछा कर रही थी। मोदीपुरम चेकपोस्ट के पास डस्टर गाड़ी रुकने पर पीछे करने वाली गाड़ी में मौजूद अजीम अख्तर और तनवीर अहमद नाम के युवकों ने कंट्रोल रूम पर इसकी सूचना दी थी। वायरलेस पर जब फर्जी उपमुख्यमंत्री का मेसेज फ्लैश हुआ तो जिले के पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
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...बस शपथ लेने वाला हूं
मोदीपुरम चौकी इंचार्ज उपेंद्र मलिक के अनुसार आरोपी ने बिना किसी हिचक के बताया कि एक सप्ताह पूर्व ही उत्तर प्रदेश सरकार में उसे उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। लेकिन अभी शपथ नहीं दिलाई गई है। बस शपथ लेने वाला हूं। चौकी इंचार्ज ने इस शख्स के पिता से फोन पर बातचीत की तो पिता ने बेटे को मानसिक रोगी बताया।

मानसिक रोगी है इसलिए छोड़ा
इंस्पेक्टर पल्लवपुरम के अनुसार पूछताछ में अनिरुद्ध इंजीनियर बताया गया। उसके पिता का सहारनपुर में कोल्ड स्टोरेज है। इंस्पेक्टर ने बताया के देर रात अनिरुद्ध के परिजन थाने पहुंचे। बताया कि वह मानसिक रोगी है। साल 2008 से उसका दिल्ली के मेंटल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। इसके उन्होंने प्रमाण भी दिखाए। गाड़ी अनिरुद्ध के नाम है, जिसके कागज भी पूरे मिले। इंस्पेक्टर के अनुसार इस व्यक्ति ने फर्जी ढंग से गाड़ी पर लालबत्ती लगाई है और खुद को उप मुख्यमंत्री बताया है, जो अपराध की श्रेणी में आता है। लेकिन मानसिक रोगी होने के चलते उसे उसके परिजनों की सुपुर्दगी में हिदायत के साथ छोड़ा गया है। 
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