मेरठ में पुलिस का एक और नया कारनामा सामने आया है। चोरी की स्कॉर्पियो में चलना और प्राइवेट लोगों के साथ दबिश देना नौचंदी थाना पुलिस का ट्रेंड बन गया है। ऐसे में दबिश के दौरान कोई अनहोनी हो जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। कानपुर की घटना से भी पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया।
लिसाड़ी गेट में नौचंदी पुलिस की दबिश का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें नौचंदी पुलिस के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी में तो प्राइवेट लोग दबिश में दिख रहे हैं। स्कॉर्पियो का नंबर लोगों ने सर्च किया तो वह स्कूटर का निकला। लोगों ने बताया कि नौचंदी पुलिस के साथ जो प्राइवेट लोग रहते हैं, वह दबिश के दौरान सबसे ज्यादा मारपीट करते हैं।
सादा वर्दी में रहने वाले यह लोग खुद को पुलिस वाला बताते हैं। नौचंदी थाने में करीब एक साल से ऐसा ही खेल चलना बताया जा रहा है। इसकी जानकारी सभी पुलिस वालों को है, लेकिन कोई बोलने को तैयार नहीं।
गुरुवार को लिसाड़ी गेट के लोगों ने एडीजी से शिकायत करनी बताई। उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को नौचंदी पुलिस ने लिसाड़ी गेट में दबिश दी थी। दबिश किसी दूसरे घर में देनी थी और चले गए दूसरे घर में। विरोध करने पर परिवार को पीटा और घर में तोड़फोड़ की। लोगों ने पुलिस वालों की वीडियो बनाई।
दबिश के दौरान पुलिस पर होते हैं हमले
अपराधियों को पकड़ने के दौरान पुलिस पर हमले भी होते हैं। लिसाड़ी गेट में जुलाई महीने में नौचंदी पुलिस पर दबिश के दौरान हमला हुआ था। पुलिस के साथ दबिश में गए एक प्राइवेट युवक को चोट भी लगी थी। बावजूद इसके नौचंदी थाना पुलिस गंभीर नहीं है। सवाल उठता है कि आखिर प्राइवेट लोगों को दबिश में साथ ले जाने के दौरान पुलिस उन्हें कितना पैसा देती है।
स्कॉर्पियो पर बाइक का नंबर
नौचंदी पुलिस जिस गाड़ी से दबिश देती है, उसका नंबर यूपी-13 एक्स 5476 है, वह एक बाइक का बताया जा रहा है। गाड़ी2010 मॉडल की है। सवाल उठता है कि आखिर स्कॉर्पियो पर बाइक का नंबर डालने का क्या औचित्य है। यह स्कॉर्पियो दिनभर नौचंदी थाने में खड़ी रहती है। पुलिसकर्मी दबिश के लिए इसी गाड़ी से जाते हैं।
इस मामले की जानकारी मुझे नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। पुलिस कर्मियों के साथ दबिश में कौन प्राइवेट लोग जाते हैं, इसका भी पता लगाया जाएगा। - डॉ अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी