व्यापारी ने खुद फांसी लगाई
इस केस की विवेचना पहले एसओ नौचंदी रामकुमार ने की। अब मैं कर रहा था। 29 मार्च 2019 को फोरेंसिक एक्सपर्ट ने घटनास्थल की फिर से जांच की थी। ज्वेलरी मोहित के घर में ही मिली थी। मोबाइल भी पुलिस ने घर से ही बरामद किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला कसना मौत का कारण आया था। व्यापारी ने खुद फांसी लगाई थी। नीरज सिंह, विवेचक/इंस्पेक्टर नौचंदी
जवाब मांगते सवाल
कोई शख्स अपने हाथ बांधकर खुद मुंह पर टेप और फांसी कैसे लगा सकता है
घटना के दौरान कमरे में दो गिलास, प्लेट में नमकीन और मिठाई रखी मिली थी। मोहित घर पर अकेले थे तो फिर दूसरा शख्स कौन था।
घर का मेन गेट अंदर से बिना रिमोट के नहीं खुल सकता था। मोहित ने गेट किसके लिए खोला था। घर में कौन आया होगा।
घटना के बाद आसपास के लोगों ने मोहित के घर की तरफ से तीन-चार लोगों को निकलते देखा था, वो कौन थे, कोई पता नहीं चला।
आखिर पुलिस के सामने ऐसा कौन सा ठोस साक्ष्य या मजबूरी है कि पहले हत्या और अब आत्महत्या बताने लगी
यह बताया एफआर का आधार
फांसी का फंदा बनाया हुआ था। बदमाश हत्या के बाद व्यापारी को फांसी पर क्यों लटकाएंगे। ऐसा प्रतीत होता है कि मोहित ने पहले से प्लान बनाकर फंदा लगाया हो
मेज पर रखा सामान अपनी जगह सुरक्षित था। हत्या होती तो छीनाझपटी में सामान भी इधर-उधर जरूर गिरता। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ।
लूट के दौरान गया मोहित का मोबाइल भी कई दिनों बाद कपड़े में लिपटा मिला। अगर बदमाश वारदात करते तो मोबाइल को कपड़े में लपेटकर क्यों रखते। घर से कोई सामान जाने की पुष्टि नहीं हुई।
बदमाश वारदात करते तो मोहित के शरीर पर चोट के निशान आते। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। परिजनों ने कोई रंजिश भी नहीं बताई।
मोहित ने सवा करोड़ का बीमा कराया था। घटना से कुछ दिन पहले मोहित ने बीमा राशि 20-25 लाख रुपये बढ़ाई थी। बीमा करने वाले के भी बयान हुए हैं।
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